ड्रग विभाग ने फेंसीड्रिल कफ सीरप की बिक्री करने वाले 16 व्यापारी चिह्नित किए हैं। इनको नोटिस देकर दो महीने के बिल मांगे हैं। सीरप बनाने वाली कंपनी से भी आगरा में सप्लाई करने वाली फर्मों के नाम और संख्या की जानकारी तलब की है।
आजमगढ़ में कफ सीरप की खेप के साथ दो लोगों को एसटीएफ ने पकड़ा है। पूछताछ में आरोपियों ने इनको सिकंदरा क्षेत्र से ले जाए जाने की बात कही। इस पर ड्रग विभाग ने कफ सीरप का कारोबार करने वाले 16 दवा विक्रेताओं को चिह्नित किया है। इनसे दो महीने में कफ सीरप कितने मंगाए और कहां बिक्री की, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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कफ सीरप बनाने वाली एबॉट हेल्थ केयर गाजियाबाद और लखनऊ डिपो को नोटिस भेजकर आगरा में कफ सीरप की सप्लाई किन विक्रेताओं को की और कितनी संख्या रही, इसका ब्योरा मांगा है। ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा ने बताया कि जानकारी आने के बाद बिल का मिलान कर कालाबाजारी पकड़ी जाएगी।
आजमगढ़ से मांगी मामले की रिपोर्ट
आजमगढ़ में पकड़े गए कफ सीरप के तस्करों के मामले की ड्रग विभाग ने जानकारी मांगी है। इसमें आरोपियों ने अब तक की पूछताछ में क्या बताया, फर्म और गोदाम का नाम समेत अन्य सूचनाएं हैं।
दूसरे शहर-राज्यों में पकड़े जा रहे, यहां के अफसरों के हाथ खाली
नशे की दवाओं की खेप पंजाब, हरियाणा, आजमगढ़ में पकड़ी जा चुकी है। यहां तक कि ग्वालियर की नारकोटिक्स टीम ने भी 225 करोड़ की दवाएं जब्त की, लेकिन जिले के ड्रग विभाग के हाथ खाली हैं।
बीते एक साल में मारवा ट्रांसपोर्ट, सिकंदरा और निबोहरा में नकली और नशे की दवाएं जब्त की, जिसमें से सिर्फ एक मामले में मुकदमा दर्ज कराया है। जिला आगरा केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष आशू शर्मा का कहना है कि आगरा में ड्रग विभाग और पुलिस नशे के सौदागरों की गिरफ्तारी नहीं कर रहा है। पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।