आगरा जिले में टीबी के मरीजों को चिह्नित करना और आसान हो गया है। अब खांसी की रिकॉर्डिंग करने से टीबी का संदिग्ध मरीज पता चल जाएगा। इसका नमूना लेकर जांच कराने के बाद इलाज दिया जाएगा। इसके लिए टीबी कफ कलेक्शन एप से यह व्यवस्था शुरू हो गई है।
सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत प्रदेश भर में यह एप लांच हुआ है। इसमें आगरा से 211 नमूनों की रिकार्डिंग की जा रही है। यह अभियान चार फरवरी तक चलेगा। इस एप के जरिये टीबी मरीजों की खांसी तीन बार रिकार्ड होगी। इसके अलावा एक से 10 तक गिनती करने, अ, आ से लेकर कुछ अक्षर भी बुलवाए जाएंगे।
इस तरह से एक मरीज की आठ बार आवाज रिकॉर्ड की जाएगी। इसके बाद इस एप से लगातार खांसी करने वाले लोगों की आवाज रिकार्ड करेंगे और एप संभावित मरीज की पुष्टि कर देगा, इसके बाद उसका बलगम लेकर जांच कराई जाएगी।