मथुरा जिले के गांव मुंडेसी में कुएं में सोमवार को युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची थाना हाईवे पुलिस ने कुएं से शव को निकाला। इसके बाद पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
युवक रविवार की रात तीन बजे घर से निकला था। गांव में चर्चा है कि युवक को काफी दिनों से खांसी और जुकाम था। उसने कोरोना की आशंका पर जान दे दी। पुलिस के अनुसार प्रथम दृष्ट्या युवक ने आत्महत्या की है।
थाना हाईवे के गांव मुंडेसी निवासी महेंद्र (36) पुत्र कारे रविवार की रात घर से निकला, फिर वापस घर नहीं आया। परिवार ने सोमवार की सुबह युवक की तलाश की तो कुएं के पास युवक की चप्पल, मोबाइल मिला।
कई दिनों से बीमार था युवक
लोगों ने कुएं के अंदर झांककर देखा तो दंग रह गए। सूचना पर पहुंची हाईवे पुलिस ने शव निकाला। सीओ रिफाइनरी वरुण कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या युवक ने आत्महत्या की है।
काफी दिनों से खांसी और जुकाम से परेशान होकर युवक ने ऐसा कदम उठाया है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार युवक की मौत कुएं में डूबने से हुई है।
मृतक के भतीजे हाकिम सिंह ने बताया कि उसके चाचा महेंद्र कोरोना वायरस से भयभीत थे। अपने आसपास भी किसी को नहीं बैठने दे रहे थे। रात में अचानक घर से चले गए और सुबह उनका शव कुएं से बरामद किया गया।
डर ने उड़ाई लोगों की रात की नींद
लॉकडाउन होने के बाद से लोगों की दिनचर्या पूरी तरह से बदल गई है। टीवी, सोशल मीडिया, अखबार में खबरें-संदेश और यहां तक बातचीत भी कोरोना वायरस पर ही हो रही है। लोग डर से तनाव में रहने लगे हैं। असर दिनचर्या पर पड़ा है। इस डर की वजह से लोगों की नींद तक उड़ गई है।
लोग मानसिक रोग विशेषज्ञों के पास फोन पर नींद नहीं आने, घबराहट की शिकायत कर रहे हैं। कोरोना वायरस से संबंधित जानकारी के लिए बार-बार टीवी, मोबाइल देखने की समस्या भी बताई जा रही है। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। इच्छाशक्ति और सकारात्मक सोच से हर बीमारी ठीक हो सकती है।
संवाद प्राकृतिक प्रवृत्ति, नींद पर पड़ा असर: डॉ. दिनेश राठौर
आगरा के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के डॉ. दिनेश राठौर ने बताया कि लॉकडाउन होने से बायलॉजिकल बदलाव आया है। कोरोना की दहशत भी है। इससे लोग बेहद आशंकित हैं। इसका सीधा असर नींद पर पड़ा है। नींद पूरी न होने पर चिचिड़ापन, बेचैनी, जल्द गुस्सा आना, तेज आवाज में बोलने की परेशानी होने लगती हैं। घबराएं नहीं लॉकडाउन भी कोरोना से बचाने के लिए है।