आगरा में गैस के व्यावसायिक सिलिंडर के दामों में आए उछाल का असर अब सुबह के नाश्ते से लेकर डिनर तक पर दिख रहा है। गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने पर न केवल सुबह का नाश्ता महंगा हो गया, बल्कि इसका असर डिनर पर भी पड़ा है। हलवाइयों के साथ ढाबों और रेस्टोरेंट ने खाने-पीने की चीजें 20 से 25 फीसदी तक महंगे कर दिए हैं। ब्रेड, बेड़ई, कचौड़ी, समोसे, डोसा, पराठे की कीमतों में उछाल आया है।
चाय के साथ सुबह नाश्ता करना महंगा हो गया है। ब्रेड के दाम फिर से बढ़ गए हैं। दिवाली के बाद ब्रेड निर्माता कंपनियों ने 10 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। 650 ग्राम का 40 रुपये का पैक 50 रुपये का कर दिया गया, जबकि 30 रुपये वाली ब्रेड 35 से 40 और छोटी 20 रुपये की ब्रेड 25 रुपये की कर दी गई। सब्जियों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। टमाटर 80 रुपये किलो बिक रहा है।
बेड़ई, कचौड़ी, समोसे का स्वाद हुआ तीखा
महंगाई से सुबह बेड़ई, कचौड़ी, समोसा का स्वाद तीखा हो गया है। आगरा की खासियत बेड़ई के दाम 8 से बढ़ाकर 10 रुपये, इसी तरह कचौड़ी 8 से 10 रुपये, प्याज कचौड़ी 12 से 15 रुपये और समोसा 7 से 10 रुपये तथा देसी घी का समोसा 15 से 18 रुपये का कर दिया गया है। आलू की टिक्की 25 से बढ़ाकर 30 तो मिट्टी के सकोरे में 30 की जगह 40 रुपये की हो गई।
दाल में तड़का लगाना भी महंगा
दाल में प्याज टमाटर का तड़का लगाना महंगा पड़ रहा है। प्याज के भाव खुदरा बाजार में 50 रुपये किलो तो टमाटर 60 से 80 रुपये किलो के बीच बिक रहा है। सरसों का तेल पहले से ही 185 रुपये किलो पर बिक रहा है। ढाबों पर 60 से 80 रुपये में मिलने वाली तड़का दाल की कीमत दिवाली के बाद से 70 से 100 रुपये के बीच हो गई है। दाल के साथ ही मौसमी सब्जियों के दामों में 10 से 15 रुपये प्रति प्लेट और रोटी की कीमत दो रुपये प्रति बढ़ाई गई है।
20 रुपये किलो बढ़ी मठरी, 20 रुपये गोलगप्पे
घटिया आजम खां में नमकीन मठरी बड़े पैमाने पर बनती हैं। दिवाली से पहले इनके दाम 100 रुपये किलो पर थे, लेकिन दिवाली के बाद गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने के कारण 120 रुपये किलो कर दिए गए। यही हाल गोलगप्पों का है। माईथान में गोलगप्पों वाली गली में सूजी के गोलगप्पे 140 रुपये प्रति सैकड़ा से बढ़ाकर 160 रुपये और आटे के 80 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये सैकड़ा कर दिए गए।
चीनी के भी दाम बढ़े
गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने का असर है। पहले रिफाइंड के दाम बढ़ने पर जैसे-तैसे रोक लिया, लेकिन अब बिना दाम बढ़ाए माल तैयार करना मुश्किल है। चीनी के दाम भी बढ़े हैं, जिससे मिठाइयों के दाम बढ़ाना मजबूरी है।
- शिशिर भगत, सदस्य, व्यापार मंडल
आसमान पर सब्जियों के दाम
गैस सिलिंडर, रिफाइंड समेत माल की ढुलाई बढ़ी है, वहीं सब्जियों के दाम आसमान पर हैं। ऐसे में रेट बढ़ाना लाजिमी है। अगर इनके दाम कम होंगे तो नाश्ते के दाम भी पहले की तरह प्रति यूनिट कम हो जाएंगे। -
अतिन कुमार, केटरर एवं मिष्ठान विक्रेता