मैनपुरी। शासन के आदेश पर जिले में तैनात क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार की जांच प्रशासन ने शुरू कर दी है। कुछ लोगों ने उन पर अवैध वसूली समेत अन्य आरोप लगाए थे।
मैनपुरी में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी के पद पर रामस्वरूप की तैनाती है। शासन ने एक शिकायत पर उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कराने के आदेश दिए हैं। उन पर आरोप है कि प्रतिमाह राशन वितरण का सत्यापन करने के लिए वह राशन डीलरों से एक हजार रुपये प्रतिमाह की वसूली करते हैं।
इसके अलावा औचक निरीक्षण के नाम पर रुपये लेते हैं। इतना ही नहीं जिले के सभी राशन के गोदामों से 50 हजार रुपये लेने का भी आरोप लगाया है। मामले में शासन ने प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद विभाग को जांच कर कार्रवाई किए जाने के आदेश दिए थे। इसी पर प्रमुख सचिव ने जिला प्रशासन को पत्र भेजकर मामले की स्वतंत्र जांच कराने के आदेश दिए हैं।
जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं ने क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के लिए कहा था। इसके लिए भी शासन ने प्रमुख सचिव को आदेशित किया है। जांच शुरू होने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय में मामले की चर्चा है। प्रशासन ने गोपनीय रूप से अधिकारी नामित कर जांच शुरू करा दी है।
आय से अधिक संपत्ति का भी लगाया आरोप
शिकायत में क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी पर भ्रष्टाचार कर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के भी आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि उनके पास नोएडा और गाजियाबाद के अलावा प्रयागराज में भी अचल संपत्ति बनाई है। इसकी भी जांच कराने की मांग की है।
इन्होंने की थी शिकायत
मैनपुरी निवासी रामसेवक सिंह, बलवीर प्रताप, अनिरुद्ध कुमार, राजेश कुमार सिंह, रामेंद्र कुमार सिंह आदि ने विधानसभा अध्यक्ष को शिकायती भेजी थी। इस में अवैध वसूली के साथ ही अन्य भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
शासन के आदेश पर शिकायतों की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई करने के साथ ही रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
-बी. राम, अपर जिलाधिकारी।