जांच में पाया गया कि खंड शिक्षा अधिकारी दीपक कुमार ने 900 पुस्तकें सैंया बीआरसी और 1800 पुस्तकें अन्य बीआरसी पर भेजी, जिनमें से 1813 पुस्तकें समय पर वितरित नहीं की गई। लापरवाही पर उन्हें निलंबित कर दिया गया।
आगरा में परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को जो किताबें अप्रैल माह में मिल जानी थीं, उनका वितरण जुलाई में भी अब तक नहीं हुआ। इसी तरह विज्ञान व गणित की जो किट वर्ष 2023 में वितरित होनी थीं, उन्हें भी नहीं बांटा गया। शिकायत की जांच करने पहुंचीं एडी बेसिक ने खंड शिक्षा अधिकारी सैंया को घोर लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया। वहीं मामले में बीएसए से रिपोर्ट भी मांगी गई है।
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पिछले हफ्ते खेरागढ़ के सैंया स्थित ब्लाक संसाधन केंद्र में नायब तहसीलदार अभिषेक कुमार ने छापा मारा था। उन्हें एक स्कूल से 25 बंडल किताबें मिली थीं। वहीं शनिवार को एसडीएम ऋषि राव ने जूनियर हाईस्कूल कंपोजिट विद्यालय से 2600 किताबें जब्त की थीं। इनमें कुछ नई और पुरानी किताबें थीं।
रविवार को नायब तहसीलदार ने बीआरसी के जूनियर स्कूल में छापा मारा। यहां पर भी किताबों के साथ विज्ञान और गणित की वह किट मिली, जिन्हें वर्ष 2023 में ही वितरित कर देना था। इनको कहीं डंप करने की योजना थी।
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किताबों और किट वितरण में लापरवाही की जांच एडी बेसिक ऐश्वर्य लक्ष्मी ने की। जांच में पाया गया कि खंड शिक्षा अधिकारी दीपक कुमार ने 900 पुस्तकें सैंया बीआरसी और 1800 पुस्तकें अन्य बीआरसी पर भेजी, जिनमें से 1813 पुस्तकें समय पर वितरित नहीं की गई। इसके अलावा 2023 में सैंया बीआरसी पर 20 विज्ञान किट एवं 24 गणित किट और प्राथमिक विद्यालय स्तर के लिए 90 किट मिलीं। उसी वर्ष वितरित करना था लेकिन दीपक कुमार की लापरवाही की वजह से किटों का वितरण नहीं हुआ।
बुधवार को शासन की ओर से जारी पत्र के अनुसार, सैंया के खंड शिक्षा अधिकारी दीपक कुमार को किताब और किट वितरण में लापरवाही बरतने के मामले में निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में वह मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) कार्यालय आगरा से संबद्ध रहेंगे।