आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की विधि परीक्षाओं के परिणाम में सामने आई खामियों के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्रुटि सुधार प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें पास होने वाले छात्रों की संख्या बढ़ी लेकिन अब भी 80 प्रतिशत अनुत्तीर्ण हैं। इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच कमेटी गठित की है।
सितंबर में आयोजित मुख्य परीक्षा और अक्तूबर में कराई गई विधि की पुनर्परीक्षा के परिणाम में एलएलबी और बीएएलएलबी के बड़ी संख्या में छात्र फेल हुए। छात्रों और कॉलेज संगठनों के विरोध के बाद विश्वविद्यालय एजेंसी स्तर पर तकनीकी त्रुटियों का सुधार करा रहा है।
सेल्फ फाइनेंस कॉलेज संगठन के मीडिया प्रभारी बृजेश शर्मा ने कुलपति से मांग की है कि छात्र हित में फैसला लिया जाए। विश्वविद्यालय छात्र सभा के अध्यक्ष गौरव शर्मा ने कहा कि परिणाम में सुधार से कई छात्रों को राहत मिली है, लेकिन व्यवस्था में अब भी सुधार की जरूरत है।
छात्र हित में बनाई कमेटी
कई छात्रों की शिकायत आई है। हालांकि, नतीजे पूरी तरह से जांचने के बाद ही घोषित किए गए हैं। फिर भी छात्र हित में देखे हुए जांच कमेटी गठित कर दी गई है। - डॉ. ओमप्रकाश, परीक्षा नियंत्रक
दोबारा हो जांच
एलएलबी में मुख्य परीक्षा के बाद पुनर्परीक्षा के परिणाम में कई अनियमितता हैं। अंक गलत तरह से दिए गए हैं। पेपर की दोबारा जांच जरूरी है। - रनवीर सिंह, एलएलबी प्रथम वर्ष
पुराने नंबर ही दिए
लीगल लैंग्वेज पेपर में मुख्य परीक्षा के पेपर के ही नंबर पुनर्परीक्षा के नतीजे में चढ़ा दिए गए हैं। जबकि, काफी प्रश्न ठीक हैं। - सोनी, एलएलबी प्रथम वर्ष