आगरा में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच अफसरों की मनमानी देखिए। मुख्यमंत्री के आदेश पर शुरू हुई पूल टेस्टिंग पिछले आठ दिन से बंद है। इधर, एकल सैंपलिंग की रिपोर्ट भी समय पर नहीं मिल रहीं। विगत सप्ताह पूल टेस्टिंग में चार सब्जी विक्रेता व एक पुलिस कर्मी संक्रमित निकले थे। दवा विक्रेता इसकी मांग कर रहे थे। लेकिन अचानक यह बंद कर दी गई।
कोरोना संक्रमण की जांच का दायरा बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा, लखनऊ व गोरखपुर में पूल टेस्टिंग प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए थे। आगरा दौरे पर नोडल अधिकारी आलोक कुमार ने इस प्रक्रिया को शुरू कराया।
प्रदेश में आगरा पहला जिला था जहां सब्जी विक्रेताओं की पूल टेस्टिंग हुई। फिर पुलिसकर्मियों की पूल टेस्ट से कोरोना जांच की गई। पूल टेस्टिंग में पांच केस पॉजिटिव निकले। लेकिन इसके बाद अचानक जिला प्रशासन ने पूल टेस्टिंग व्यवस्था बीच में ही रोक दी।
दो मई के बाद आगरा में कोई पूल टेस्ट नहीं हुआ। जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह ने कहना है कि पूल टेस्टिंग में बहुत समय लग रहा था। इसकी जगह मोबाइल लैब से सैंपलिंग शुरू कराई है।