आगरा के वाटर वर्क्स स्थित अग्रवन में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर में सोमवार को 41 लोग धरने पर बैठ गए। इनका आरोप था कि क्वारंटीन किए गए 16 दिन बीत जाने पर भी उनकी कोरोना जांच नहीं की गई है।
जानकारी पर एसीएम द्वितीय वीके गुप्ता डॉक्टरों की टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने कहा कि जांच कब होगी, यह डॉक्टर तय करेंगे। उन्हें बताया गया कि क्वारंटीन में अब 28 दिन तक रखा जा रहा है। इस पर वे लोग मान गए।
क्वारंटीन किए गए लोगों ने बताया कि उन्हें 14 दिन के लिए लाया गया था। 16 दिन हो चुके हैं। कोरोना जांच न होने के कारण संक्रमण फैलने का खतरा है। उन्होंने खाना-पानी लेने से इंकार कर दिया और धरने पर बैठ गए।
अफसरों ने समझाया
लोहामंडी से आए आठ लोगों के परिवार के मुखिया ने कहा कि जांच होने पर ही धरना समाप्त होगा। एसीएम द्वितीय वीके गुप्ता ने बताया कि उन लोगों को समझाया गया कि जांच कब होगी, क्वारंटीन सेंटर से कब रिहा किया जाएगा, यह मेडिकल टीम तय करेगी।
उनकी मुख्य शिकायत यह थी कि उन्हें घर क्यों नहीं भेजा जा रहा है। कुछ लोग कोरोना जांच की मांग कर रहे थे। इन लोगों की एक बार स्क्रीनिंग और की जाएगी। क्वारंटीन नियमों में बदलाव किया गया है और अब 21 से 28 दिन तक क्वारंटीन होम में रखा जा रहा है। इस जानकारी पर वे लोग शांत हो गए।
हंगामे के मामले में बीडीओ के निलंबन की संस्तुति
कीठम स्थित हिंदुस्तान कॉलेज में बने क्वारंटीन सेंटर में रविवार को हुए हंगामे के मामले में सीडीओ की जांच में बीडीओ अछनेरा मनीष वर्मा को दोषी पाया गया। डीएम प्रभु एन सिंह ने उनके निलंबन की संस्तुति कर शासन को भेजी है।
क्वारंटीन सेंटर में रविवार को 200 से ज्यादा लोगों ने हंगामा कर दिया था। आरोप था कि उन्हें खाना और पीने के लिए पानी नहीं मिला। डीएम ने जांच सीडीओ को सौंपी थी। डीएम ने बताया कि क्वारंटीन सेंटर्स की अव्यवस्था के लिए बीडीओ अछनेरा को आरोप पत्र जारी करते हुए निलंबन की संस्तुति कर शासन को भेजी है।