आगरा के मुगल रोड स्थित रश्मि केयर सेंटर को क्वारंटीन (एकांतवास) सेंटर बनाया गया है। यहां रखे गए 60 लोगों को बृहस्पतिवार की रात ही शिफ्ट किया गया। शुक्रवार को क्वारंटीन सेंटर के बाहर जूठन फैली दिखी। कुत्ते पास ही घूम रहे थे। गायें भी इन ढेर में से ही खाना ढूंढ़ती रहीं। चौकीदार ने बताया कि तीन दिन से यह ढेर नहीं उठा है। जूठन को कुत्तों ने आसपास फैला दिया है।
लगातार बढ़ रहे संक्रमण के बीच यह लापरवाही सिर्फ एक ही क्वारंटीन सेंटर में नहीं बरती जा रही है। जिस श्री पारस हॉस्पिटल के संपर्क से 90 से ज्यादा लोग संक्रमित हो गए, इसके बाहर भी यही हाल है। यह सेंटर भगवान टॉकीज के पास है। यहां गेट पर ही पैकेट रखे हैं। जूठन और भोजन के पैकेट को इकट्ठा करके इन काले रंग के पैकेट में रख दिया गया है। यहां से 44 कोरोना मरीज सहित 69 लोग बुधवार की रात सैफई भेजे गए।
श्री पारस हॉस्पिटल से जूठन को बुधवार की दोपहर बाहर फेंक दिया गया था। तब से नहीं उठाया गया है। मुगल रोड पर ही अग्रसेन सेवा सदन में क्वारंटीन सेंटर है। यहां भी कूड़ा और बचा हुआ भोजन रोज नहीं उठाया जा रहा है।
श्री पारस हॉस्पिटल के बाहर पड़ा कचरा
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क्वारंटीन सेंटर में रह रहे 60 लोग इसे खुद ही एक ड्रम में जमा करते हैं। दो-तीन दिन में सफाईकर्मी आता है तो उसे दे देते हैं। यहां पुलिस तैनात है। एनएच-2 पर मधु रिसोर्ट में बनाए गए क्वारंटीन सेंटर से भी जूठन और बचा हुआ भोजन कई-कई दिन न उठाए जाने की शिकायत नगर निगम में आ चुकी है।
सफाईकर्मी नहीं आए तो भोजन के खाली डब्बे जलाए
फतेहपुर सीकरी में कोरोना मरीजों के लिए बनाए गए आइसोलेशन सेंटरों से चार दिन से कूड़ा नहीं उठा था। इस पर कोरोना मरीज खुद ही भोजन करने के बाद पॉलिथीन व खाली डब्बों को संभाल कर रख रहे थे। इसके बाद वहीं उनको एकत्रित करके जलाया जा रहा था।
जेपी शर्मा कॉलेज में भर्ती कोरोना मरीज ने बताया कि धुआं देखकर अफसरों की आंख खुली। शुक्रवार को पहली बार स्वास्थ्य विभाग के सफाईकर्मी भोजन के खाली पैकेटों को लेने पहुंचे। मरीज ने बताया कि वे लोग खुद ही खाली पैकेट और बचा हुआ भोजन इसलिए जला रहे थे, ताकि कुत्ता या कौआ आदि पक्षी उठाकर कहीं और न डाल दें।
नगर आयुक्त ने यह कहा
नगर आयुक्त अरुण प्रकाश का कहना है कि यह संभव है कि किसी ने कचरा डस्टबिन की जगह कहीं और फेंक दिया हो। कर्मचारी डस्टबिन से कचरा उठाकर ला रहे हैं। फिर अगर कहीं कोई शिकायत है तो उसे दूर किया जाएगा। क्वारंटीन सेंटर में रह रहे लोगों में से भी हमारी अपील की है कि वो डस्टबिन में ही कचरा फेंके। बड़े सेंटरों में इधर-उधर कचरा फेंकने से कोई अन्य संक्रमण का शिकार हो सकता है।