आगरा में अभी तक हॉटस्पॉट क्षेत्र में ही सबसे ज्यादा मरीज मिल रहे थे, लेकिन अब संक्रमण दूरस्थ गांवों और नए क्षेत्रों में पहुंच रहा है। नए क्षेत्रों की बात करें तो बीते दस दिनों में पीली पोखर, धिमिश्री, पडकोली, सैनिक विहार, भांडई, केसर विहार, अंसल कोर्टयार्ड, बरनामई, कुंवर कॉलोनी, सेमरी, वैशाली नगर, नगला माधो, सरेंधी, नौरिका, नगला लाल, रघुनाथ नगर, महारानी बाग, नगला पूरा, अमनपुर, मेहरई समेत अन्य कॉलोनी और गांव हैं। इनमें लगभग पहली-दूसरी बार मरीज मिला है।
इससे पहले सबसे ज्यादा मरीज आवास विकास कॉलोनी, दयालबाग, शाहगंज, कमला नगर, देवरी रोड, नगला पदी, नगला बूढ़ी, विभव नगर, सैंया में मिल रहे थे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि लॉकडाउन खुलने से संक्रमण की दर बढ़ी है। लोग मास्क लगाएं, सामाजिक दूरी का पालन करें और लक्षण नजर आने पर जांच कराएं तो संक्रमण की दर कम होने लगेगी।
बुखार-खराश होने पर भी नहीं करा रहे जांच : डॉ. संजय चतुर्वेदी
आईएमए सचिव डॉ. संजय चतुर्वेदी का कहना है कि बुखार-खांसी और जुकाम होने पर भी लोग कोरोना वायरस की जांच में देरी कर रहे हैं, इससे अन्य भी संक्रमित हो रहे हैं। मास्क और सामाजिक दूरी में भी लापरवाही बरत रहे हैं। लोग बाजारों से संक्रमित होकर घर लौटते हैं, जिससे नए क्षेत्रों में संक्रमण फैल रहा है।
बाजारों में सामान्य दिनों जैसे हालात, खतरा और बढ़ेगा : डॉ. सीआर रावत
आईएमए उपाध्यक्ष डॉ. सीआर रावत ने कहा कि लोग कोरोना वायरस को हल्के में ले रहे हैं। बाजारों में सामान्य दिनों की तरह ही भीड़भाड़ है, मास्क भी नहीं लगाए हैं, जो लगाए हैं वह नाक नहीं ढके हैं। बिना जरूरत के बाहर निकल रहे हैं, जबकि दो-तीन महीने में स्थिति और भयावह होने वाली है।
ये बरतें एहतियात
- पांच से सात दिन के लिए घर में जरूरत का सामान एक बार में खरीदें।
- मास्क पहनने की औपचारिकता न करें, नाक-मुंह पूरी तरह से ढककर रखें।
- हाथों को साबुन या सैनिटाइजर से साफ करने के बाद ही मुंह, नाक, आंख छुएं।
- घर के बाहर लोगों से दो मीटर की दूरी से बात करें, साथ में सैनिटाइजर जरूर रखें।
- बुखार-खांसी और जुकाम होने पर क्वारंटीन हो जाएं, कोरोना वायरस की जांच कराएं।
(डॉ. आरएम पचौरी, आईएमए अध्यक्ष)