आगरा के लिए राहत की खबर है। दिसंबर में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम हुई है, जबकि आशंका थी कि इस माह संक्रमण काफी तेज हो सकता है। ताजनगरी में 13 दिसंबर तक 525 नए मरीज मिले हैं और इस अवधि में 859 ठीक हुए हैं। एक दिसंबर को ठीक होने की दर 91 फीसदी थी जो 13 दिसंबर को बढ़कर लगभग 95 फीसदी हो गई। संक्रमण की दर 2.65 से गिरकर 2.52 फीसदी रह गई है।
साल के आखिरी महीने के शुरू में चिकित्सकों ने आशंका जाहिर की थी कि कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है। यह पहली और दूसरी से तेज हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने इसे देखते हुए तैयारी की। एसएन मेडिकल कॉलेज में बेडों की संख्या बढ़ाई गई। लेकिन, राहत की बात यह है कि ऐसा हुआ नहीं।
नवंबर के शुरू में रोज 40 से 50 नए मरीज मिल रहे थे, जबकि दिसंबर में रोज का औसत 30 से कम है। इससे सक्रिय मरीजों की संख्या भी घट गई है। एक दिसंबर को ये 673 थे, 13 को 335 रह गए। संक्रमण की दर घटी है, लेकिन खतरा कम नहीं हुआ है। ऐसे में लोगों को सतर्कता नहीं छोड़नी चाहिए।
दिसंबर
13 दिसंबर : 31 संक्रमित
12 दिसंबर : 25
11 दिसंबर : 44
10 दिसंबर : 44
09 दिसंबर : 26
08 दिसंबर : 20
नवंबर
13 नवंबर : 68
12 नवंबर : 61
11 नवंबर : 65
10 नवंबर : 71
09 नवंबर : 78
08 नवंबर : 67
एक दिसंबर
संक्रमण दर : 2.65 फीसदी
स्वस्थ होने की दर : 91.01 फीसदी
सक्रिय मरीज : 673
13 दिसंबर
संक्रमण दर : 2.52 फीसदी
स्वस्थ होने की दर : 94.88 फीसदी
सक्रिय मरीज : 335 फीसदी
'जल्दी मिला उपचार, नतीजा बेहतर रहा'
जिला अस्पताल के चिकित्सक एसके वर्मा ने बताया कि दिसंबर में संक्रमण तेज होने की आशंका में नवंबर से ही जांच ज्यादा की गई। इससे मरीज जल्दी ट्रेस हुए तो उपचार जल्दी मिला। इससे ठीक होने वाले बढ़े हैं। दिसंबर में तापमान सामान्य रहना भी संक्रमण दर में कमी का कारण है।
'प्रतिरोधक क्षमता के प्रति जागरूक हुए लोग'
रैपिड रिस्पांस टीम के डॉक्टर नंदन सिंह ने बताया कि संक्रमित लोग जल्दी ठीक हो रहे हैं, इसका कारण यह भी है कि लोग प्रतिरोधक क्षमता के प्रति जागरूक हो रहे हैं। वे स्वास्थ्यवर्धक भोजन लेने, योग करने पर ध्यान दे रहे हैं।
सतर्कता न छोड़ें लोग- जिलाधिकारी
जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह का कहना है कि राहत की बात है कि कोरोना संक्रमण दर घटी है, लेकिन लोगों को सतर्कता नहीं छोड़नी चाहिए। सामाजिक दूरी बरतना और मास्क लगाना अनिवार्य है।