आगरा के थाना एत्माद्दौला परिसर में सोमवार को शाहदरा के पूर्व पार्षद संजय बघेल ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने माचिस जलाने से पहले पूर्व पार्षद को पकड़ लिया। मामले में तीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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पूर्व पार्षद का कहना था कि पुलिस पर हमले के मामले में निर्दोष लोगों पर कार्रवाई की गई है। पुलिस अधिकारियों से शिकायत पर भी सुनवाई न होने पर यह कदम उठाया।
शाहदरा में 26 अप्रैल को लॉकडाउन का पालन कराने गए दरोगा विकास राणा और सिपाही रविंद्र पर लोगों ने हमला बोल दिया था। पथराव में दरोगा घायल हो गए थे। मामले में 24 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। पुलिस ने तीन आरोपियों को जेल भेजा था।
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पूर्व पार्षद ने लगाया यह आरोप
शाहदरा के पूर्व पार्षद संजय बघेल का आरोप है कि पुलिस पर घटना की निंदा करता हूं। यह हमला एक परिवार के लोगों ने बोला था। मगर, पुलिस ने कुछ लोगों के कहने पर मुकदमे में निर्दोष लोगों को नामजद किया है। पुलिस रोजाना दबिश दे रही है।
महिलाओं से अभद्रता की जाती है। कुछ लोगों की गलती का खामियाजा पूरी बस्ती के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। दूध, पानी और सब्जी तक नहीं मिल पा रही है। पूर्व पार्षद ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली थी, जिसमें आत्मदाह करने की बात कही।
सोमवार की सुबह संजय बघेल एक कार से दो लोगों के साथ थाना एत्माद्दौला पहुंचे। उस समय थाने पर दो मुंशी और दरोगा केवल सिंह थे। पूर्व पार्षद ने हाथ में बोतल ले रखी थी। पुलिस के मुताबिक, बोतल में पेट्रोल था। पार्षद ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया।
पुलिसकर्मी कुछ समझ पाते उससे पहले ही माचिस भी निकाल ली। यह देखकर दरोगा दौड़ पड़े। उन्होंने पार्षद को पकड़ लिया। इसकी जानकारी पर थाने में हड़कंप मच गया। पुलिस ने संजय बघेल और उसके साथ आए सत्यभान और भाई नीरज को पकड़ लिया। पूर्व पार्षद को नहलाने के बाद थाना परिसर में बैठाया गया। सूचना पर पुलिस अधिकारी भी आ गए।
थाना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर मलिक ने बताया कि पूर्व पार्षद सहित अन्य के खिलाफ लॉक डाउन के उल्लघन, आत्मदाह के प्रयास सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
यह थे आरोपी
पुलिस पर हुए हमले के आरोपियों में अजब सिंह, श्यामु, रामू, पूरन, हुंडी लाल, मोहर सिंह, श्यामसुंदर, राकेश बघेल, अर्जुन, छविराम, आजाद उर्फ जावंत, अंगद, वीरू और कन्हैया लाल नामजद हैं। वहीं दस महिला और पुरुष अज्ञात आरोपी बनाए गए हैं। पूर्व पार्षद ने सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट में लिखा कि पुलिस अधिकारियों को ट्वीट करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए वह विवश हैं।