आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में बीते दो सप्ताह में भर्ती होने वाले कोरोना के गंभीर मरीजों की संख्या दोगुनी हो गई है। हालत खराब मिलने पर लगभग हर मरीज को ऑक्सीजन देनी पड़ रही है। कोविड अस्पताल में भर्ती 69 मरीजों में से 59 ऑक्सीजन पर हैं। इसके चलते ऑक्सीजन की खपत पांच गुना तक बढ़ गई है।
एसएन मेडिकल कॉलेज में रोजाना सात-आठ मरीज गंभीर हालत में भर्ती हो रहे हैं। इनमें से तीन मरीजों को तो आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ रहा है। दो सप्ताह पहले तक गंभीर हालत के तीन-चार मरीज ही आ रहे थे। हाल की बात करें तो 69 मरीजों में से 45 आइसोलेशन वार्ड में हैं। इनमें से 35 मरीजों को ऑक्सीजन लगी है।
24 मरीज आईसीयू में हैं और वेंटिलेटर पर इलाज चल रहा है। जब मरीज भर्ती होने आए तब इनकी सांस फूल रही थी। जांच में ऑक्सीजन का स्तर भी 94 से कम पाया गया। आईसीयू प्रभारी डॉ. राजीव पुरी ने बताया कि बीते 15 दिन में गंभीर मरीजों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई है।
सांस फूलने के बाद भी एक-दो दिन बाद ला रहे अस्पताल: डॉ. अजित चाहर
संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अजीत चाहर ने बताया कि कोरोना के रोजाना सात-आठ मरीज भर्ती कर रहे हैं। तेज सांस, निमोनिया भी मिल रहा है। सांस लेने में दिक्कत होने पर भी परिजन सचेत नहीं होते, जब सांस फूलने लगती है तब अस्पताल लाते हैं।
कोरोना के लक्षण दिखने पर अस्पताल लाने में में देरी न करें: डॉ. संजय काला
प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि संक्रमित मरीजों को परिजन लाने में देरी कर रहे हैं, तब तक उनकी स्थिति ज्यादा बिगड़ जाती है। इसी कारण लगभग हर मरीज को ऑक्सीजन देनी पड़ रही है। बीते महीने की तुलना में इस महीने से ऑक्सीजन की खपत पांच गुना बढ़ गई है। मधुमेह, उच्च रक्चचाप समेत अन्य बीमारी वाले मरीजों को तो परेशानी होने पर तुरंत भर्ती कर देना चाहिए।
होम आइसोलेशन में चिकित्सकों के परामर्श को नजरअंदाज न करें: डॉ. पचौरी
आईएमए अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी का कहना है कि बढ़ते प्रदूषण और सर्दी से निमोनिया होने से गंभीर मरीज बढ़ रहे हैं। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीज पूरी सावधानी बरतें, चिकित्सकीय परामर्श का पालन करते हुए दवा और भाप लेते रहें। किसी भी तरह की परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सक को जानकारी दें।
निजी अस्पतालों में भी ऑक्सीजन की खपत चार गुनी
अभी रवि हॉस्पिटल, प्रभा हॉस्पिटल और रामरघु अस्पताल में ही कोरोना के मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें करीब 100 मरीज भर्ती हैं। यहां भी गंभीर हाल के मरीज आ रहे हैं। इनको ऑक्सीजन देनी पड़ रही है। इस कारण ऑक्सीजन सिलिंडर की खपत चार गुना तक हो गई है। आईएमए अध्यक्ष ने बताया कि ऑक्सीजन की मांग बढ़ी है, लेकिन दो प्लांट खुलने से किल्लत नहीं है।