आगरा में शनिवार तक कोरोना वायरस के 92 मामले सामने आ चुके हैं। जिले में जैसे-जैसे नमूनों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे कोरोना वायरस से संक्रमितों का ग्राफ चढ़ता जा रहा है। मार्च में रोज 10-15 सैंपल लिए जा रहे थे। तब 31 दिन में 12 मरीज मिले थे। अप्रैल में 100 से 150 सैंपल रोज लिए जा रहे हैं। इनमें 8 से 10 संक्रमित मिल रहे हैं।
जिले में 1753 लोगों की जांच में 89 संक्रमित पाए गए यानी हर बीसवां व्यक्ति संक्रमित मिला है। इसमें शनिवार का आंकड़ा शामिल नहीं है। शनिवार सुबह तीन और मरीज मिले हैं। अब जिले में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 92 हो गई है। इनमें 81 मामले सक्रिय हैं।
अब जांच का दायरा और बढ़ाया जाना है। प्रशासन का फोकस हॉटस्पॉट में हर उस शख्स की जांच कराना है जो मरीज के सीधे संपर्क में रहा है या फिर उसमें कोरोना के कोई भी लक्षण है। शहर के 22 इलाके पहले ही हॉटस्पॉट घोषित हो चुके हैं। इन इलाकों से ही 80 फीसदी से ज्यादा मरीज मिले हैं।
अब देहात से सैंया सीएचसी के डॉक्टर में संक्रमण मिलने के बाद स्टाफ और मरीजों के भी सैंपल लिए गए हैं। शुक्रवार रात को आठ हॉटस्पॉट और बढ़ा दिए गए हैं। ग्रामीणों क्षेत्रों को मिलाकर जिले में संक्रमित क्षेत्र 33 हो गए हैं।
यूं समझें फर्क
मार्च
1. सिर्फ विदेश से आए और उनके सीधे संपर्क के लोगों के सैंपल लिए गए।
2. हेल्थ सर्वे में लोग कोरोना के लक्षणों की जानकारी देने से बच रहे थे।
3. हॉटस्पॉट चिह्नित नहीं थे, इसलिए वहां सैंपल नहीं हुए।
4. विदेश से आए लोगों में से 50 फीसदी से ज्यादा ने सूचना ही नहीं दी।
5. देहात से न सैंपल लिए गए और न ही वहां कोई संक्रमित मिला।
अप्रैल
1. दिल्ली मरकज से आए जमाती मिलने पर इनके संपर्क के आए लोगों के ही 150 सैंपल लिए गए।
2. अस्पतालों के स्टाफ और डॉक्टर के संक्रमित मिलने पर सैंपल की रफ्तार तेज की गई।
3. विदेश से आए 336 लोगों का पता चला। इनके सैंपल लिए गए।
4. हॉटस्पॉट चिह्नित होने पर इन इलाकों से 200 से ज्यादा सैंपल लिए गए हैं।
5. शहर से संक्रमण देहात पहुंचा, सैंपल लिए तो सैंया, खंदौली में मरीज मिले।
सैंपलिंग बढ़ाने पर फोकस- डीएम
जिलाधिकारी (डीएम) प्रभु एन सिंह ने बताया कि हमारा फोकस स्क्रीनिंग और सैंपलिंग बढ़ाने पर ही है। भले ही केस ज्यादा हों, लेकिन अगर वे ही लोग संक्रमित मिले जो पहले से चिह्नित हैं तो संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है।