आगरा में कोरोना वायरस के संक्रमित मरीजों के लगातार बढ़ने पर शासन की मुसीबतें बढ़ गई हैं। यहां के व्यवस्थाओं का आकलन करने के लिए प्रदेश और केंद्र की टीम निरीक्षण करने आई। रविवार को केंद्र की हेल्थ मानीटरिंग कमेटी के आठ सदस्यों ने निरीक्षण कर व्यवस्थाएं परखीं।
टीम ने स्त्री रोग विभाग की कोविड-फ्लू विंग का बाहर से ही निरीक्षण किया। कमेटी ने आइसोलेशन वार्ड प्रभारी से आइसोलेशन वार्ड में कितने मरीज भर्ती हैं, बेड कितने हैं, क्वारंटीन सेंटर में बेड की संख्या, कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए आईसीयू में बेड की क्या संख्या है। इन सभी की जानकारी ली।
वायरोलॉजी लैब में नमूनों की जांच की भी जानकारी की। कमेटी ने डॉक्टर, चिकित्सकीय स्टॉफ की सुरक्षा, मरीजों के ट्रीटमेंट और ड्यूटी के बारे में भी पूछा। प्रभारी ने बताया कि रोस्टर प्लान के तहत तीन शिफ्टों में ड्यूटी रहती है। सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, किसी जरूरत पर वार्ड में भर्ती मरीजों से फोन पर बातचीत भी करते हैं।
इन सभी की कमेटी ने रिपोर्ट बनाई। इससे पहले शनिवार को शासन ने किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की टीम ने भी व्यवस्थाएं देखी थी। प्राचार्य डॉ. जीके अनेजा ने बताया कि केंद्र की कमेटी ने कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज, सुविधाएं और व्यवस्थाओं का हाल देखा है।
कोरोना वायरस के मरीजों के लिए एसएन में यह है व्यवस्था:
100 बेड का आइसोलेशन वार्ड
30 बेड का है क्वारंटीन सेंटर
13 वेंटीलेटर
12 बेड का आईसीयू
01 लेबर रूम
01 ऑपरेशन थिएटर
01 डायलिसिस
मरीजों की जानकारी सार्वजनिक की जाए
कमेटी ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए एसएन की चिकित्सकीय टीम से सुझाव भी मांगे, जिसमें एसएन प्रशासन ने कोरोना वायरस के मरीजों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
डॉक्टरों ने तर्क दिया कि मरीज की जानकारी सार्वजनिक होने से आसपास के लोग सतर्कता बरतेंगे। उनके परिचितों से भी लोग सामाजिक दूरी रखेंगे। इससे खुद लोग जागरूक होंगे और कार्य आसान होगा।
हॉटस्पॉट एरिया में सेंटर बनाकर की जाए रैपिड जांच: आईएमए
आईएमए के निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. राजीव उपाध्याय का कहना है कि बढ़ते मामलों को रोकने के लिए हॉट स्पॉट एरिया में सेंटर बनाकर सभी लोगों की रैपिड जांच की जाए।
इससे जल्दी जांच होगी और मरीज आसानी से चिह्नित किए जा सकेंगे। इस कार्य के लिए व्यापक रूप से व्यवस्थाएं कर टीम तैयार की जाएं, इसमें आईएमए अपना पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है।