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आगरा में कोरोना: फिर मिले 15 संक्रमित, सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 134 पहुंची

Fri, 02 Apr 2021 08:37 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 134 हो गई
  • अब तक कुल 62,7218 सैंपल टेस्ट हो चुके
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कोरोना वायरस की जांच करते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में कोरोना संक्रमण की रफ्तार फिर बढ़ रही है। गुरुवार को 15 नए मरीज मिले हैं, ताजनगरी में अब सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 134 हो गई है। वहीं कुल संक्रमितों की संख्या 10,739 हो गई है। अब तक कुल 10,428 मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। जनपद में रिकवरी रेट 97.10 प्रतिशत है, वहीं अब तक कुल 62,7218 सैंपल टेस्ट हो चुके हैं।
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नए मरीज अनूप अपार्टमेंट विजय नगर, बाग फरजाना, दयालबाग सौ फुटा रोड, गोकुलपुरा, कृष्णा लोक कॉलोनी, मोतीकटरा, इरादत नगर संतोषी माता मंदिर, ओल्ड सुरक्षा बिहार, प्रेम पुरी कॉलोनी, आरटीओ कंपाउंड प्रतापपुरा, संवाई एत्मादपुर, शिवाजी नगर, सिलिगेट कॉलोनी गंगे गौरी बाग, विद्युत नगर, विभव नगर हैं।

लगातार मिल रहे कोरोना संक्रमित
बता दें कि विगत बुधवार को आगरा में कोरोना वायरस के 15 मरीज मिले। इसमें 100 फुटा दयालबाग निवासी 13 साल का बालक भी शामिल था। पुष्पांजलि एक्सटेंशन में एक ही परिवार के दो सदस्य भी संक्रमित हुए। इसके साथ ही आवास विकास कॉलोनी, बाग फरजाना, फ्रेंड्स कॉलोनी अमर विहार, गणपति किंग्स सिकंदरा, किदवई पार्क, मंडी शहीद खां, नई आबादी बसई खुर्द, उत्तर विजय नगर कॉलोनी, पुष्पांजलि एक्सटेंशन, सदर बाजार और सूर्य नगर सिविल लाइन कंटेनमेंट जोन घोषित किए गए।
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ऐसे बनीं चेन
1. पहली चेन मार्च 2020 में विदेश से लौटे लोगों की बनी।
2. दूसरी चेन जमात से लौटे लोगों की थी, यह अप्रैल में बनी थी।
3. तीसरी चेन अप्रैल-मई में बनी, यह स्वास्थ्यकर्मियों की थी।
4. चौथी चेन मई और जून में सामने आई, यह चिकित्सकों की थी।
5. पांचवीं चेन पुलिसकर्मियों की थी, यह जून और जुलाई में बनी।
6. छठी चेन थी सब्जी वालों और दूध वालों की, ये जून से अगस्त में बनी।
7. सातवीं चेन मेडिकल स्टोर संचालकों की थी, यह अगस्त से अक्तूबर तक रही।
8. आठवीं और आखिरी चेन अक्तूबर और नवंबर में बनी, यह व्यापारियों की थी।

दिसंबर में बदली कहानी, मॉडल सफल
दिसंबर में आगरा मॉडल सफल हो गया। इसे अन्य जिलों में लागू किया गया। कारण यह था कि दिसंबर से संक्रमण की दर तेजी से घटी। इसका एक कारण होम आइसोलेशन भी रहा। होम आइसोलेशन में 6502 मरीज भर्ती रहे और ठीक हुए। इनमें से एक भी मरीज की मौत नहीं हुई। अभी 18 मरीज होम आइसोलेेशन में इलाज करा रहे हैं।
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