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कोरोना संक्रमित मरीजों संग दोहरी समस्या, दिख रहा धुंधलापन, मांसपेशियों, घुटनों में भी दर्द

Wed, 28 Oct 2020 08:31 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

पूछताछ में आठ घंटे से अधिक समय तक मोबाइल-टीवी पर बिता रहे समय, बिस्तर पर लेटे कर ही देख रहे टीवी-मोबाइल, व्यायाम न करने से जकड़न की भी मिली समस्या
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हॉटस्पॉट एरिया आगरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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होम आइसोलेशन में रहने वाले संक्रमित मरीज मोबाइल-टीवी पर आठ से दस घंटे तक समय बिता रहे हैं इससे कॉर्निया में दर्द, धुंधलापन, सिर दर्द, मांसपेशियों में जकड़न और घुटनों के दर्द की समस्या हो रही है। संक्रमण से ठीक होने पर मरीज डॉक्टरों से परामर्श ले रहे हैं।
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संक्रमित मरीजों में बिना लक्षण और मामूली लक्षण वाले 60 से 70 फीसदी मरीज होम आइसोलेशन में हैं। इनको दस दिन आइसोलेशल और सात दिन क्वारंटीन रहना है। मतलब 17 दिन के बाद ही घर से बाहर जाना है। ऐसे में खाली समय में मोबाइल, फेसबुक, टीवी और कंप्यूटर पर समय बिता रहे हैं। चिकित्सकों के पास संक्रमण से ठीक होने के बाद लोग आंखों से पानी आना, लाल होना, कॉर्निया में दर्द रहना, सिर दर्द की परेशानी बता रहे हैं। इनमें 20 से 40 साल के मरीज सबसे ज्यादा हैं। पूछताछ में पाया कि आठ से 12 घंटे तक टीवी-मोबाइल देखा। 

50 से 70 साल के मरीजों में घुटनों में दर्द, मांसपेशियों में जकड़न
होम आइसोलेशन में रहे मरीजों ने इन दिनों में शारीरिक गतिविधियां नहीं, योग और व्यायाम नहीं किया। अधिकांश समय लेटकर ही बिताया। इससे उनके पीठ, गर्दन, तलवों और घुटनों में दर्द और मांसपेशियों में जकड़न और खिंचाव की परेशानी हो रही है।
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कॉर्निया में नमी कम होने और दबाव डलने से हो रही परेशानी: डॉ. हिमांशु यादव
एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. हिमांशु यादव ने बताया कि मोबाइन-टीवी कई घंटे देखने से कॉर्निया में नमी की कमी होने और नस पर दबाव बढ़ने से यह परेशानी हो रही हैं। होम आइसोलेशन में रहे संक्रमित मरीजों में अधिकांश ने यह परेशानी बताई है। करकराहट, खुजली, दर्द और अस्थायी धुंधलापन की शिकायतें मिलीं।

सीढ़ियां चढ़ने और चलने में कंपकपाते हैं पैर: डॉ. डीवी शर्मा
वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. डीवी शर्मा ने बताया कि कई दिन एक ही कमरे में रहने से घूमना-फिरना नहीं होने से मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। जिनके घुटनों में दर्द नहीं था, उन्होंने भी परेशानी बताई। सबसे ज्यादा सीढ़ियां चढ़ने, शौच करने और तेज गति से चलने में दर्द हुआ। फोन पर दवा और फिजियोथेरेपी कराने का परामर्श दिया।

केस स्टडी एक:
आवास विकास कॉलोनी के 31 साल के युवक टेलीकॉम कंपनी में कार्य करता है। संक्रमित होने पर होम आइसोलेशन में रहे। डॉक्टरों को बताया कि इंटरनेट पर पंसदीदा फिल्म, गाने और चैटिंग करते। लगातार ऐसा करने से सिर दर्द, अस्थायी धुंधला दिखने लगा। कॉर्निया में करकराहट महसूस हुई।
 
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केस स्टडी दो:
यमुनापार के 56 साल के पुरुष आटा चक्की है, संक्रमण होने पर हल्का बुखार आया, घर पर रहे, संक्रमण ठीक होने और क्वारंटीन समय बिताने के बाद उनके पैरों में दर्द, घुटनों में सूजन और दर्द की परेशानी होने लगी। पीठ दर्द भी करने लगा। डाक्टर ने बताया कि व्यायाम नहीं की और अधिकांश समय लेटे रहे।

डॉक्टरों ने यह दिए परामर्श: 
- लेटकर पैर चलाएं, बैठकर कंधों को घुमाएं
- तकिये को हाथ और पैरों से बार-बार दबाएं 
- योग करें, युवा रस्सी कूद कर सकते हैं। 
- संक्रमण से ठीक होने के बाद फिजियोथेरेपी कराएं।
- एक बार में मोबाइल-टीवी घंटे-डेढ़ घंटे से ज्यादा न देखें।
- आंखों को ठंडे और ताजे पानी से धोएं।
- लेटकर नहीं बैठकर ही मोबाइल-टीवी देखें।
- चिकित्सक से ऑइनटमेंट आंखों में डालें।
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