कोरोना जांच के लिए जिला अस्पताल पहुंची चिकित्सकों की टीम
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ट्रूनैट मशीन से कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट एक घंटे में मिल रही है। इससे गर्भवती महिलाओं को बड़ी सुविधा मिली है। इमरजेंसी मामलों में तत्काल जांच होने से गर्भवती महिलाएं परेशानी से बच सकेंगी। यहां जांच के लिए रोज 50 महिलाएं पहुंच रहीं हैं।
इससे जिला अस्पताल में जांच कराने के लिए गर्भवती महिलाओं की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल में रोजाना दो से तीन ऐसी महिलाएं आ रहीं हैं, जिनके प्रसव में तीन से पांच घंटे का ही समय है और कोरोना वायरस की जांच भी नहीं हो पाई है।
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ऐसे में ट्रूनैट मशीन से तत्काल जांच रिपोर्ट मिलने के इनका प्रसव हुआ। ऐसा ही सिकंदरा क्षेत्र की महिला ने जांच कराने के तीन घंटे बाद ही दिल्ली गेट स्थित अस्पताल में प्रसव कराया, इसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। एसआईसी डॉ. एसके वर्मा ने बताया कि कोरोना की जांच कराने अब रोज 50 से अधिक गर्भवती पहुंच रही हैं। इनके अलावा गंभीर रोगी भी हैं।
47 टीमों ने 1833 घरों में जाकर की स्वास्थ्य की जांच
स्वास्थ्य विभाग की 47 टीमों ने नई आबादी बोदला, जगदीशपुरा, पटेल नगर, सुभाष नगर, खतैना, आगरा फोर्ट, खंदारी, लोहिया नगर, कमला नगर, शमसाबाद रोड के 1833 घरों के 7867 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करते हुए कोरोना के लक्षणों का आकलन किया।
हॉटस्पॉट एरिया में 32 स्थानों पर शिविर लगाकर 1985 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। स्वास्थ्य सर्वे और शिविर प्रभारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि इसमें 948 पुरुष, 865 महिलाएं और 172 बच्चे शामिल रहे। इसमें घमौरियां, खुजली के 88 मरीज मिले, मधुमेह के 19 और उच्च रक्तचाप के 11 मरीज रहे। 24 लोगों में दांतों की परेशानी मिली। पेट, हड्डी, आंख समेत अन्य परेशानी के 121 मरीज थे।