कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को लेकर गोवर्धन में लगने वाले ऐतिहासिक मुड़िया पूर्णिमा मेला पर पहली बार रोक रहेगी। राजकीय मुड़िया पूर्णिमा मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को रोकने की तैयारियों की रिपोर्ट शासन स्तर पर भेजी जाएगी। मेला को रोकने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने मशक्कत शुरू कर दी है। उपजिलाधिकारी राहुल यादव ने मुड़िया शोभायात्रा के अनुयायी मुड़िया संतों के साथ
बैठक की।
बैठक में संतों ने कहा कि आपसी सलाह के बाद प्रशासन को लिखित में मेला को लेकर अपने सुझाव देंगे। एसडीएम ने बताया कि मुड़िया मेला को रोकने के लिए कोरोना जैसी महामारी के दृष्टिगत पूरी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी जा रही है। इसके लिए मुड़िया संतों के साथ-साथ मठ-पीठों के आचार्य, साधु-संत व व्यापार मंडल आदि से लिखित में सुझाव मांगे हैं।
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व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजू लाला ने बताया कि कोरोना जैसी महामारी में गोवर्धन में लगने वाले आठ दिवसीय मुड़िया मेला पर रोक लगनी चाहिए। मेला में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु परिक्रमा व दर्शन करने आते हैं इसके कारण बीमारी फैलने का डर रहेगा। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी जितेंद्र कुमार, मुड़िया संत गोपाल दास, विशंबर दास, पंचायत अध्यक्ष खेमचंद शर्मा, व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष संजू लाला, जिलामंत्री लक्ष्मण ठाकुर, लेखपाल गौरी शंकर शर्मा आदि थे।