चीन में घातक कोरोना वायरस से जनपद एटा के लोग भी अछूते नहीं हैं। शहर की साक्षी तो वायरस का प्रकोप फैलने से पहले ही स्वदेेश लौट आई पर जलेसर के नवदंपती वहां फंस गए हैं। फ्लाइट आदि पर रोक के चलते वह भारत नहीं लौट पा रहे हैं। पीड़ित नवदंपती के परिजनों का यहां रो-रोकर बुरा हाल है।
जलेसर के ऊंचा गांव निवासी भंवर सिंह यादव के बेटे आशीष चीन के बुहान शहर के एक कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। वह नवंबर 2019 में पत्नी नेहा यादव के साथ चीन गए थे। चीन में फैले कोरोना वायरस के चलते अब वह भारत आने के लिये परेशान हैं, बेकरार हैं। वायरस फैलने के समय तो उन्होंने बीमारी का कारण बता भारत सरकार से इनकार कर दिया।
अब वायरस का प्रकोप दिनों दिन बढ़ने एवं घर में राशन पानी समाप्त होते ही भारत आने की फिक्र सता रही है। आशीष एवं उनके परिजनों ने भाजपा के राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह यादव से गुहार लगाई है। सांसद ने उनकी समस्या के समाधान के लिए केंद्र सरकार के विदेश सचिव एस जयशंकर से वार्ता कर शीघ्र सहायता का आश्वासन दिया है।
आशीष शादी के बाद पत्नी संग गए चीन
आशीष यादव पूर्व में अमेरिका में थे। दो वर्ष पूर्व एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर चीन में तैनात हुए हैं। गत नवंबर में ही आशीष यादव का विवाह हुआ और 19 नवंबर को पत्नी नेहा के साथ चीन के बुहान शहर चले गए। आशीष के पिता भंवर सिंह बुन्देलखण्ड में सरकारी नौकरी से सेवा निवृत्त हैं।
माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल
चीन में कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के चलते आशीष के माता पिता परेशान हैं। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन एवं पड़ोसी ढांढस बंधा रहे हैं।
अभी 15 सीनियर छात्र वहीं फंसे
चीन में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा साक्षी शहर वापस आ चुकीं हैं, उन्होंने बताया कि अभी चीन में एमबीबीएस करने वाले करीब 15 भारतीय सीनियर छात्र फंसे हुए हैं। वह भारत नहीं आ पा रहे हैं। वहां उनकी जान खतरे में है।
कारण चीन से आने वाली फ्लाइट को रोक दिया गया है। वहीं चीन में अभी कोरोना वायरस भयंकर तरीके से फैल रहा है। वहां आठ सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं 37 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं।