मैनपुरी। जिला संसाधनों के अभाव में कोरोना से जंग लड़ रहा है। अगर किसी मरीज को वेंटीलेटर की जरूरत पड़ जाए तो जिले में इलाज संभव नहीं। ऐसा स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से है। वेंटीलेटर की खरीद के लिए
राज्य सभा सांसद पहले ही धनराशि दे चुके हैं। जिले के जनप्रतिनिधियों ने 1.45 करोड़ की धनराशि कोरोना संकटकाल में स्वास्थ्य विभाग को दी है।
जिले में 21 लाख की आबादी पर एक भी वेंटीलेटर नहीं है।
कोरोना जैसी महामारी के बीच जब देशभर में वेंटीलेटर और व्यवस्थाएं बढ़ाई जा रही हैं।
तब भी जिले में एक वेंटीलेटर तक उपलब्ध नहीं है। वेंटीलेटर की कमी और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए जन प्रतिनिधियों ने पूरा सहयोग किया। सांसद और विधायकों ने जिले में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1.45 करोड़ की धनराशि दी। खुद राज्यसभा सांसद हरनाथ सिर्फ ने वेंटीलेटर के लिए ही 25 लाख रुपये की धनराशि दी है। इसके बाद भी लॉकडाउन के 44 दिन बीत जाने पर भी जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग एक भी वेंटीलेटर की व्यवस्था नहीं कर सका।
किसने दी कितनी धनराशि
मुलायम सिहं यादव सांसद- 25 लाख
हरनाथ सिंह यादव सांसद राज्यसभा- 25 लाख
विधायक सदर राजकुमार यादव- 25 लाख
विधायक करहल सोबरन सिंह यादव - 25 लाख
विधायक भोगांव/कैबिनेट मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री- 10 लाख
विधायक किशनी ब्रजेश कठेरिया- 10 लाख
एमएलसी अरविंद यादव- 10 लाख
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या- 10 लाख
एमएलसी मथुरा उदयवीर सिंह- 05 लाख
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मुख्यमंत्री को भेजा गया पत्र
जिले में वेंटीलेटर की खरीद न होने पर राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह ने नाराजगी जताई है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने सीएमओ और जिलाधिकारी से वार्ता भी की। सीएमओ के जवाब से वह संतुष्ट नहीं हैं। कोरोना वायरस के संकटकाल में प्राथमिकता के आधार पर उन्होंने वेंटीलेटर के लिए धनराशि दी थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने वेंटीलेटर की खरीद को प्राथमिकता नहीं दी।
वेंटीलेटर लखनऊ से भेजे जा रहे हैं, शीघ्र ही जिले में दो वेंटीलेटर की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही डॉक्टरों को प्रशिक्षण भी दिलाया जाएगा। इसकी तैयारी भी पूरी है। शीघ्र ही ये व्यवस्थाएं पूर्ण की जाएंगी।
डॉ. एके पांडेय, सीएमओ