कासगंज। कोरोना के चलते बच्चों का सुरक्षा चक्र प्रभावित हो गया है। सवा साल बाद जहां बच्चों को पोलियो रोधी खुराक मिल पाई। वहीं, गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए लगने वाले नियमित टीकाकरण पर भी इसका असर पड़ा। अब जबकि विभाग द्वारा पोलियो अभियान और मिशन इंद्रधनुश चलाया तो इसका असर कोरोना टीकाकरण पर देखा गया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 0 से 5 साल तक के बच्चों को पोलियो से बचाने के लिए प्रतिवर्ष ही कई चक्र चलाकर दवा पिलाई जाती है। तो वहीं दो साल तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नियमित टीकाकरण किया जाता है, जिससे बच्चे व महिलाएं जानलेवा बीमारियों की चपेट में आने से बच सकें। कोरोना ने इन दोनों टीकाकरण अभियान को काफी प्रभावित किया है। कोरोना के चलते जहां कर्मी जांच में लगे हुए हैं। वहीं, कोरोना सक्रमित निकलने वाले व्यक्ति को आइसोलेट करने आदि में भी स्वास्थ्य कर्मियों को लगाया जाता है। कोरोना के असर से बच्चों और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षा चक्र को काफी प्रभावित किया है। जनवरी 2021 में पोलियो का अभियान चलाया गया। इसके बाद कोरोना के चलते यह अभियान बाधित हो गया। सवा साल तक बच्चे पोलियो की खुराक पीने से वंचित रह गए। इन बच्चों के लिए 20 मार्च 2022 से अभियान चलाकर पोलियो की खुराक पिलाई गई। वहीं, नियमित टीकाकरण से वंचित बच्चों को प्रतिरक्षित करने के लिए 6 मार्च से मिशन इंद्र धनुष चलाया गया। जब इन दोनों अभियानों को चलाया गया तो इसके कोरोना टीकाकरण प्रभावित हो गया। विभाग को सत्रों की संख्या घटनी पड़ी।
बड़ी संख्या में बच्चे रह गए पोलियो रोधी खुराक पीने से वंचित
कासगंज। पोलियो अभियान के दौरान 5 साल तक के बच्चों को खुराक पिलाई जाती है। सवा साल तक अभियान बाधित रहने से जिन बच्चों की आयु इस अवधि में पांच साल से ऊपर हो गई, उनको अभियान के दौरान पोलियो की खुराक नहीं पिलाई गई।
मिशन इंद्रधनुष को बच्चों के कोरोना टीकाकरण पर पड़ेगा असर
कासगंज। स्वास्थ्य विभाग चार मार्च से मिशन इंद्रधनुश का दूसरा चरण शुरू करने जा रहा है। इस समय 12 से 14 साल तक के बच्चों का कोरोना टीकाकरण अभियान चल रहा है। इसके साथ ही अन्य लोगों का भी कोरोना टीकाकरण हो रहा है। कोरोना टीकाकरण की जिम्मेदारी एएनएम पर है। मिशन इंद्रधनुश शुरू होने पर एएनएम बच्चों और गर्भवती महिलाओं को नियमित टीका लगाएगी। ऐसे में आठ दिन तक कोरोना टीकाकरण प्रभावित होगा।
308029 बच्चों को सवा साल बाद मिली पोलियो खुराक
13976 बच्चों को मिशन इंद्रधनुश चलाकर किया जा रहा प्रतिरक्षित
4897 गर्भवती के लिए भी चल रहा मिशन इंद्र धनुष
टीकाकरण की जिम्मेदारी एएनएम पर रहती है। एक टीकाकरण अभियान के चलने पर दूसरे अभियान पर असर पड़ता है। जिला में पर्याप्त संख्या में एएनएम भी नहीं है। - डॉ. अंजुश, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी