मैनपुरी। हवाई रास्ते देश में दाखिल हुआ कोरोना अब महानगरों से धीरे-धीरे गांवों की ओर पलायन कर रहा है। दिल्ली और गुरुग्राम से अपने गांव पहुंचे दो श्रमिक संक्रमित निकले हैं। जिले में अब तक करीब 12 हजार श्रमिक महानगरों से पहुंच चुके हैं। ऐसे में गांवों में भी संक्रमण फैलने की प्रबल आशंका बढ़ती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष सतर्कता की जरूरत है।
इस गंभीर स्थिति पर देश के प्रधानमंत्री चिंता जता चुके हैं। कोरोना के खिलाफ जंग में ग्रामीणों को भी सहयोग करना होगा। उन्हें गांव में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की सूचना जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को देनी चाहिए। ग्रामीणों की सतर्कता के बिना कोरोना से लड़ी जा रही जंग जीतना संभव नहीं होगा।
केसहिस्ट्री-एक
दिल्ली में सब्जी बेचने का काम करने वाला एक युवक अपने गांव नगला गुरुबख्श पहुंचा। जांच हुई तो वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया। युवक की जांच में जरा सी देरी होती तो स्थिति खतरनाक हो सकती थी। युवक का इलाज आइसोलेशन वार्ड भोगांव में चल रहा है।
केसहिस्ट्री-दो
गुरुग्राम में काम करने वाला एक युवक सात मई को अपने गांव पहुंचा। लक्षण होने पर ग्रामीणों के कहने पर जांच हुई तो वह कोरोना पॉजिटिव पाया गया। युवक के संपर्क में आने वालों के भी सैंपल भेजे गए हैं। इसकी जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
प्रशासन ने कसी कमर
महानगरों से गांवों में हो रहे श्रमिकों के पलायन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। ब्लॉक स्तर पर संचालित सीएचसी प्रभारियों को बाहर से आने वालों की जांच करने और उन पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने भी बाहरी व्यक्तियों के लिए तहसील स्तर पर प्रशासनिक क्वारंटीन हाउस की स्थापना की है। इसके साथ ही थाना पुलिस की भी जवाबदेही तय की गई है कि वह अपने क्षेत्रों में बाहर से आने वालों पर नजर रखें। ग्राम पंचायतों में निगरानी समितियों को बाहर से आने वालों की सूचना देने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ग्रामीण यहां दें सूचना
कंट्रोल रूम मुख्यालय-05672-234308
जिलाधिकारी-9454417511
पुलिस अधीक्षक-9454400295
मुख्य चिकित्साधिकारी-8005192680
जिला पंचायतराज अधिकारी-9450269390
ग्रामीण करें प्रशासन का सहयोग
बाहर से आने वालों की जांच के निर्देश सीएचसी प्रभारियों को दिए गए हैं। ग्रामीणों को भी प्रशासन का सहयोग करना चाहिए। वह बाहर से आने वालों की सूचना जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग या फिर पुलिस प्रशासन को दें।
-डॉ. एके पांडेय, सीएमओ