शहर में वाहनों की चेकिंग करती पुलिस
- फोटो : MAINPURI
मैनपुरी। जिला प्रशासन ने मंगलवार शाम तक के लिए शहर केे संपूर्ण लॉकडाउन कर दिया था। किसी भी व्यक्ति का घर से बाहर निकलना पूरी तरह से प्रतिबंधित था। इसके चलते मंगलवार को सड़कों से लेकर बाजार तक सन्नाटा पसरा रहा। केवल और पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ही सड़कों पर नजर आए। कोरोना से बचाव में प्रशासन कोई लापरवाही नहीं करना चाहते हैं। सोमवार को जैसे ही पारस हॉस्पिटल आगरा में उपचार के लिए मैनपुरी से जाने वालों की सूची मिली तो प्रशासन हरकत में आ गया।
जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने शहर को मंगलवार शाम तक के लिए पूर्ण रूप से लॉकडाउन कर दिया था। सख्त आदेश थे कि अगर कोई बाहर आया तो एफआईआर दर्ज होगी। पुलिस ने भी सख्ती बरती तो मंगलवार को इसका असर भी नजर आया। शहर के मुख्य मार्गों और बाजारों में सन्नाटा रहा। वहीं कार्मिक व अन्य गुजरने वाले कर्मचारियों की भी चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी लगातार चेकिंग करते रहे। जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह और एसपी अजय कुमार पांडेय भी शहर में घूमते रहे। एसडीएम रजनीकांत व सीओ सिटी ने भी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि हर हाल में संपूर्ण लॉकडाउन का पालन सुनिश्चित किया जाए।
बंद रहे मेडिकल स्टोर
प्रशासन ने पहले ही एक दिन छोड़कर मेडिकल स्टोर खोलने के आदेश दिए थे। ऐसे में मंगलवार को मेडिकल स्टोर बंद रहे। हालांकि अगर किसी की दवा की जरूरत हो तो प्रशासन ने मेडिकल स्टोर संचालकों की सूची भी जारी की है। इससे दवा मंगाई जा सकती है।
बैंक की छुट्टी का मिला फायदा
मंगलवार को जिला प्रशासन को संपूर्ण लॉकडाउन का पालन कराने में बैंक की छुट्टी का भी फायदा मिला। दरअसल डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती के चलते बैंक बंद थे। ऐसे में लोग कैश के िलिए भी घरों से बाहर नहीं निकले।