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यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही रोडवेज में बढ़ रही लापरवाही

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कासगंज में बिना मास्क के बैठे यात्री - फोटो : KASGANJ
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कासगंज। अनलॉक शुरू होने के बाद से अब तक के लगभग साढ़े तीन माह के समय में रोडवेज बसों का नजारा बदल चुका है। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही यात्रियों द्वारा की जा रही लापरवाही भी बढ़ गई है। यात्री बिना मास्क के बसों में सफर कर रहे हैं। वहीं रोडवेज द्वारा भी सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का उल्लंघन किया जा रहा है।
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एक जून को अनलॉक होने के बाद गाइडलाइन के अनुरूप बसों का संचालन शुरू किया गया था। इस दौरान परिवहन विभाग बेहद सतर्क था। यात्रियों को बिना मास्क के बसों में नही बैठने दिया जा रहा था।
वहीं यात्री भी गाइडलाइन का पालन कर रहे थे। हालांकि समय के साथ ही बसों में यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही लापरवाही भी बढ़ती जा रही है। यात्रियों के साथ ही विभाग द्वारा गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है। रविवार सुबह बस स्टैंड पर यात्रियों के लिए रखी हैंड सैनिटाइजिंग मशीन गायब मिली। वहीं कोरोना हेल्पडेस्क पर कोई कर्मी भी नजर नहीं आया। ऐसे में यात्री बिना हाथ सैनिटाइज और थर्मल स्क्रीनिंग के बस में चढ़ते हैं।
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छह रुपये में मिल रहा है मास्क
सफर के दौरान जो लोग मास्क लाना भूल जाते हैं, उन्हें बस स्टैंड पर मात्र छह रुपये में मास्क उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके बावजूद लोग लापरवाह बने हुए हैं और बिना मास्क सफर करते नजर आ रहे हैं।
हर बस में उपलब्ध कराया है सैनिटाइजर
प्रत्येक बस के चालक व परिचालक को 500 एमएल हैंड सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वह अपने और यात्रियों के हाथों को सैनिटाइज करा सकें। परिचालक यात्रियों से मास्क लगाने की अपील करते हैं, लेकिन फिर भी कुछ लोग मास्क नहीं लगाते। कोरोना हेल्पडेस्क पर कर्मी की तैनाती की गई है। गेट से बड़ी संख्या में यात्री बसों में चढ़ने लगते हैं तो कर्मी बस स्टैंड के गेट पर ही यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग के लिए चला जाता है। इस कारण हेल्पडेस्क कुछ समय के लिए खाली हो जाती है।
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- ब्रजेश कुमार, प्रभारी डिपो प्रभारी,
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