कासगंज। कोरोना नमूना संग्रह केंद्र बनाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के अशोक नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बने कुपोषण केंद्र को संदिग्धों की जांच के लिए कोरोना नमूना संग्रह केंद्र बना दिया। लेकिन यहां पहले से एक डेढ़ साल का मासूम कुपोषण का इलाज करना के लिए भर्ती था। इस पर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। मंगलवार को वहां पर दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मामला सामने आया। इसके बाद आनन-फानन में जांच में यहां दो कोरोना संक्रमित पाए गए। कुपोषण केंद्र को स्थानांतरित किया गया।
कोरोना संक्रमण की जांच अशोक नगर स्थित अस्पताल में भी हो रही है। यहां संक्रमितों के संपर्क में आने वाले संदिग्धों की जांच कराई जाती है। इसके अलावा सामान रूप से पहुंचने वाले लोगों की भी कोरोना की स्वैच्छिक जांच हो रही है। मंगलवार को यहां की एक बड़ी लापरवाही सामने आई। दरअसल इस अस्पताल के प्रथम तल पर कुपोषण केंद्र बना हुआ है। यहां गांव भोगपुर निवासी डेढ़ साल का कुपोषित बच्चा रोहित भर्ती है।
उसकी देखभाल के लिए उसकी मां को भी यहीं रखा गया है। इसके बावजूद कोरोना नमूना संग्रह केंद्र स्थापित कर दिया। जबकि यह केंद्र पूरी तरह एकांत में होना चाहिए। मंगलवार को जांच के दौरान यहां दो कोरोना संदिग्ध संक्रमित पाए गए। उन्हें दो घंटे तक इसी कुपोषण केंद्र में रखा गया। जब यह मामला सामने आया तो तो स्वास्थ्य विभाग में खलबली मच गई। आनन फानन में कुपोषण केंद्र को स्थानांतरित किया गया और दोनों ही संक्रमितों को जिला अस्पताल भेज दिया गया।
- कुपोषण केंद्र में यदि कोरोना संग्रह नमूना केंद्र बनाया गया है तो यह गलत है। अभी इसकी जानकारी नहीं मिली है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक से पूरे मामले की विस्तृत जानकारी करेंगे। - डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव, सीएमओ।
- कुपोषण केंद्र में एक डेढ़ साल का मासूम भर्ती है। इस केंद्र के दूसरी ओर कोरोना संदिग्धों की जांच कराई जा रही थी। जैसे ही संक्रमितों की पुष्टि हुई और मुझे जानकारी मिली तो मैने तत्काल कुपोषण केंद्र वहां से स्थानांतरित करा दिया है- डा. बीके राजपूत, चिकित्साधीक्षक।