कासगंज के बस स्टैंड पर पलायन कर आए लोग बसों का इंतजार करते।
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कासगंज। अपनों के साथ अपनी चिंता में लोग लॉकडाउन के बीच अभी भी सड़कों से कई किलोमीटर का सफर तय करने में नहीं थक रहे हैं। दो दिन राहत मिलने से कासगंज की सीमा तक पहुंचे लोग अब वहां से लगे जनपदों और गांव में जाने को पैदल ही चल रहे हैं। कई समाजसेवी संगठन अभी भी इन लोगों के लिए खाने-पीने का प्रबंध कर रहे हैं। लॉकडाउन की सख्ती का पहरा जरूर है, लेकिन पुलिस इन चुनिंदा लोगों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए इन्हें निकलने दे रही है।
25 मार्च को रात 12 बजे से मोदी ने अचानक लॉकडाउन कर दिया था। सभी परिवहन संसाधन बंद होने के कारण लोग पैदल ही अपने घरों को निकल चुके थे। दो दिन यूपी सरकार के आदेश पर रोडवेज व प्राइवेट बसों के चलने से यह लोग जनपद की सीमाओं से जनपद में प्रवेश तो कर चुके हैं, अब इनकों यहां से लगे आसपास गांव व जनपदों में ही जाने के वाहन न मिलने की समस्या है। सोमवार को भी करीब 24 लोग रोडवेज बस स्टैंड पर वाहनों की प्रतीक्षा में बैठे हुए दिखाई दिए। इनमें कई लोग जयपुर से आए थे, जिन्हें बरेली जाना था। वहीं कई लोग सड़कों पर भी कतारबद्ध मिले। इन्हें भी जनपद के सोरों, सहावर व पड़ोसी जनपद बदायूं तक जाना था।