आगरा में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़े हैं लेकिन एसएन मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी में ट्राएज ओपीडी अभी शुरू नहीं की गई। इस ओपीडी में कोरोना वायरस के संदिग्ध और लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग, जांच कराने की व्यवस्था थी। अभी बुखार-खांसी के मरीज सीधे सामान्य ओपीडी में इलाज के लिए जा रहे हैं।
कोरोना वायरस की पहली और दूसरी लहर में इमरजेंसी में ट्राएज ओपीडी में बुखार, खांसी, जुकाम, सांस लेने में परेशानी वाले मरीजों के इलाज और जांच की जा रही थी। इसमें औसतन रोजाना 280 से अधिक मरीज आ रहे थे। संक्रमण कम होने पर इमरजेंसी में यह व्यवस्था बंद कर दी गई। अब बीते दो-तीन दिन से कोरोना वायरस के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में भी ट्राएज ओपीडी की व्यवस्था दोबारा से शुरू नहीं की है। इससे संदिग्ध मरीज सामान्य ओपीडी में ही इलाज कराने पहुंच रहे हैं, जिससे संक्रमण और फैलने का खतरा बढ़ गया है।
गाइडलाइन के जरिए नई व्यवस्था होगी
दूसरी लहर थमने के बाद एसएन इमरजेंसी में ट्राएज ओपीडी की सेवाएं बंद कर दी थीं। अब शासन-प्रशासन की गाइडलाइन के जरिए नई व्यवस्था की जाएगी। अभी कोरोना के लक्षण वाले मरीज इमरजेंसी में दिखा सकते हैं। -
डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य
रविवार को मिले थे 28 मरीज
सात महीने बाद 24 घंटे में रिकॉर्ड 28 नए संक्रमित मिले हैं। जिनमें आगरा किला घूमने आए पांच पर्यटक संक्रमित मिले हैं। कैंट रेलवे स्टेशन आए चार यात्रियों में वायरस की पुष्टि हुई है। बाकी 19 मरीज स्थानीय निवासी हैं। जिले में अब कोरोना के सक्रिय मरीज 57 हो गए हैं।
ताजनगरी में कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का खतरा बढ़ भी गया है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को 4363 लोगों की जांच में 28 नए मरीज मिले है। आखिरी बार एक दिन में इतने अधिक मरीज 4 जून को मिले थे। तब 24 घंटे में 44 मरीज संक्रमित हुए थे। जिसके बार रविवार को 28 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।