देश का नाम भी गलत हो सकता है
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव का कहना है कि पर्यटक की ओर से स्वास्थ्य विभाग के हेल्प डेस्क पर सही जानकारी नहीं दर्ज कराई गई है। फोन नंबर भी गलत है। पर्यटक का नाम और देश का नाम भी गलत होने की आशंका है। होटलों के प्रबंधकों और एसोसिएशन को पत्र जारी कर पर्यटक की ओर बताए गए नाम, मोबाइल नंबर और देश के नाम के आधार पर जानकारी मांगी गई है। पर्यटक को तलाशने के लिए होटलों में टीमें भी पहुंच रही हैं। एलआईयू से भी जानकारी साझा की जा रही है।
टिकट तक नहीं मांगा
कोरोना जांच के समय पर्यटक के टिकट को ही मांगा गया होता तो उसी पर उससे संबंधित जानकारी मिल जाती है। उसका नाम, देश का नाम व अन्य जानकारियां होती हैं। पर्यटक ऑनलाइन टिकट निकालते समय जानकारी डालते हैं। नए साल पर स्वास्थ्य विभाग की चुनौती और बढ़ेगी। अपेक्षाकृत अधिक संख्या में विदेशों से पर्यटक ताजमहल घूमने आएंगे। सभी की जानकारी जुटाकर जांच करना चुनौतीपूर्ण होगा।
ताज पर मास्क, न शारीरिक दूरी का पालन
ताजमहल पर बीते शुक्रवार को सैनिटाइजेशन कराया गया और कोविड जांच की सुविधा शुरू की गई, लेकिन कोविड गाइड लाइन का यहां पालन नहीं किया जा रहा है। अर्जेंटीना के पर्यटक के कोविड पॉजिटिव पाए जाने के बाद भी ताजमहल पर बुधवार को पर्यटक न मास्क पहने नजर आए और न ही शारीरिक दूरी का पालन नजर आया। ताजमहल के पश्चिमी गेट के साथ पूर्वी गेट और रेड सैंड स्टोन प्लेटफार्म पर पर्यटकों का सैलाब दिखाई दिया और मास्क के बिना ही पर्यटक एक दूसरे से सटे नजर आए।