आगरा में कोरोना से संक्रमित मरीज ने स्वास्थ्य विभाग पर एक्सपायर्ड (वैधता तारीख खत्म होने के बाद) दवा देने का आरोप लगाया है। मरीज ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पोर्टल पर की है।
न्यू आगरा निवासी डॉ. रोहित बंसल ने बताया कि आठ जुलाई को बुखार-खांसी और खराश होने पर कोरोना जांच कराई। रात को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। अगले दिन नौ जुलाई को स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी आए और दवाएं दे गए। जब दवाएं देखीं तो इसमें खराश के लिए इस्तेमाल होने वाली एजिथ्रोमाइसिन बीते साल नवंबर में ही एक्सपायर हो गई थी। बाकी की दवाओं के रैपर कटे थे।
उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पोर्टल पर शिकायत की। इस पर स्वास्थ्य विभाग से कर्मचारी आए और दवाएं बदल देने की बात कही। उन्होंने बताया कि 'मैंने दवाएं नहीं ली और निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं मंगवाईं।' सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि विभाग से कोई एक्सपायर्ड दवा नहीं दी हैं। आसपास के मरीजों के दवा पैकेट भी दिखवाएं हैं। ये पूर्व में भी संक्रमित हो चुके हैं, उसी की बची दवा को एक्सपायर्ड बताकर गलत शिकायत कर रहे हैं।
एक ही परिवार की तीन महिलाओं सहित छह नए मरीज
कोरोना वायरस फिर पांव पसार रहा है। दो दिन में 15 मरीज मिल चुके हैं। सोमवार को दयालबाग निवासी एक ही परिवार की तीन महिलाओं सहित छह नए संक्रमित मिले हैं। पटियाला से लौटे धोलपुर निवासी युवक की आईएसबीटी पर सैंपलिग में रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पिछले 24 घंटे में 540 लोगों की जांच की गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि दयालबाग निवासी एक परिवार में तीन महिलाएं संक्रमित मिली हैं। इनकी उम्र 26, 19 व 30 साल हैं। बोदला में 35 वर्षीय महिला, धोलपुर निवासी 20 वर्षीय युवक व दयालबाग निवासी एक अन्य व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। रविवार को एक ही परिवार के पांच लोग संक्रमित मिले थे। पिछले 48 घंटे में 15 मरीज मिल चुके हैं। जिले में अब 20 कोरोना सक्रिय मरीज हैं।
घटा जांच का दायरा
कोरोना मरीजों के संपर्क में आए लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग नहीं होने से जांच का दायरा घट रहा है। जिले में रोज तीन हजार जांच का लक्ष्य है। सोमवार को 540 लोगों की जांच की गई। जबकि रविवार को 1700 लोगों की जांच हुई थी। सीएमओ का कहना है कि कांटेक्ट ट्रेसिंग में लक्षण वाले मरीजों की जांच की जा रही है। स्वयं लोग जांच कराने नहीं आ रहे।