आईएमए आगरा के अध्यक्ष डॉ. आरएम पचौरी ने कहा कि बरसात में संक्रमण की दर अनुमान से भी अधिक है, लोग फिर भी बचाव के लिए जारी निशा निर्देशों को नजरअंदाज कर रहे हैं। जरूरी कार्य पर ही घर से निकलें, मास्क और सामाजिक दूरी का पालन बहुत जरूरी है।
पांच महीने में मिले थे 1846 मरीज
कोरोना वायरस का पहला मरीज दो मार्च को आया था। तब से जुलाई तक 1846 मरीज मिले। कुल लोगों की जांच की बात करें तो 54,424 नमूने लिए गए थे। अगस्त में 950 से अधिक मरीज मिल चुके हैं।
हर महीने इतने मिले संक्रमित मरीज:
| महीना |
नमूनों की जांच |
संक्रमित |
| मार्च |
849 |
12 |
| अप्रैल |
6080 |
441 |
| मई |
8313 |
439 |
| जून |
9293 |
390 |
| जुलाई |
29889 |
574 |
| अगस्त |
60732 |
2837 |
झुंड में बैठे लोग, बिना मास्क के हो रही खरीदारी
संक्रमण की दर तेजी से बढ़ रही है, लेकिन लोग लापरवाही बरत रहे हैं। झुंड में लोग बैठ रहे हैं, मास्क तक नहीं लगाए हुए। यही हाल खरीदारी करते वक्त का है। बिना मास्क के ही लोग सब्जी, फल और जरूरत का सामान ले रहे हैं। लापरवाही की हद है कि न तो विक्रेता और न खरीदार मास्क लगा रहे हैं और न सामाजिक दूरी बरती जा रही है।