आगरा में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के कारण स्थिति चिंताजनक हो गई है। एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सभी 46 बेड फुल हो गए हैं। ऐसे में मरीजों को 24 घंटे की जगह अब 12 घंटे में ही दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है। नए मरीजों को बेड खाली होने तक एंबुलेंस में इंतजार करना पड़ रहा है। यह स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि कोरोना के संदिग्ध मरीज यहां लगातार आ रहे हैं।
इमरजेंसी में सर्जरी, हड्डी, बाल रोग और मेडिसिन विभाग के 10-10 बेड और छह बेड ट्रॉमा सेंटर में हैं। रोजाना इमरजेंसी में 60 से अधिक नॉन कोविड और संदिग्ध मरीज आ रहे हैं। इनके लिए बेड की व्यवस्था में समय लग रहा है। प्राचार्य ने बैठक कर स्थितियों की समीक्षा करते हुए बेड बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।
केस 1: बेड नहीं मिला तो पुलिस से की शिकायत
शहीद नगर के नरेंद्र कुमार ने बताया कि ससुर को पैरालाइज्ड अटैक पड़ा। निजी अस्पताल में चार दिन भर्ती रहे, रात को इमरजेंसी लेकर आए, लेकिन बेड नहीं था। पुलिस को भी समस्या बताई, डॉक्टरों ने बेड खाली नहीं होने के बारे में बताया।
केस 2. सादाबाद से आए, बेड नहीं मिला
सादाबाद के देवेंद्र सिंह ने बताया कि पिताजी को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, सिकंदरा स्थित अस्पताल में इलाज करा रहे थे, वहां इनकी कोरोना वायरस की जांच कराने के लिए कहते हुए एसएन मेडिकल कॉलेज भेज दिया, यहां बेड की कमी बताई।