दूसरी लहर जा रही है। अब कोविड कंट्रोल रूम की घंटी बहुत कम बज रही है, वहीं सरकारी अस्पतालों में 60 फीसदी बेड खाली हैं। कंट्रोल रूम में पहले जहां 24 घंटे में 700 से अधिक कॉल आ रही थीं, वहां बुधवार को महज सात कॉल आईं हैं। जिनमें चार लोगों ने टीकाकरण, एक ने कोविड जांच, एक सैनिटाइजेशन व एक ने ब्लैक फंगस की दवा मांगी है।
ताजनगरी में अप्रैल का अंतिम सप्ताह सबसे भयावह रहा। तब दूसरी लहर अपने पीक पर थी। सरकारी कोविड कंट्रोल रूम पर इतने फोन आ रहे थे कि लाइन हैंग हो गई। 21 अप्रैल से 25 मई तक यहां 8227 कॉल आई। 25 अप्रैल को सबसे ज्यादा 739 कॉल आईं थी। उन सात दिनों में 400 से 700 कॉल प्रतिदिन आ रही थीं। सबसे ज्यादा कॉल ऑक्सीजन सिलिंडर और अस्पतालों में बेड उपलब्ध कराने के लिए की गई। ये वो समय था जब दूसरी लहर से हाहाकार मचा था। परंतु 14 मई के बाद यहां 50 कॉल रह गए। 20 मई को 12 और फिर प्रतिदिन सात-आठ कॉल आने से यहां हालात पूरी तरह बदले नजर आ रहे हैं।
एडीएम सिटी डॉ. प्रभाकांत अवस्थी ने बताया कि 24 घंटे में बुधवार को सात कॉल आई हैं। अब कोई बेड, ऑक्सीजन व दवाइयां नहीं मांग रहा। अब कॉल करने वाले टीकाकरण कराने, जांच व सैनिटाइजेशन के लिए फोन कर रहे हैं।