आगरा में शुक्रवार को कोरोना संक्रमित मरीज मौत होने से कुल आंकड़ा 172 पर पहुंच गया है। कोरोना संक्रमण के तीन नए मामले भी मिले हैं। कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 10478 हो गई है। अब तक 4.87 लाख नमूनों की जांच जनपद में हो चुकी है।
4.87 लाख नमूनों की जांच हो चुकी
आगरा जनपद के एत्मादपुर, गढ़ी राठौर निवासी 48 वर्षीय संक्रमित महिला की शुक्रवार को मौत हो गईं। डीएम प्रभु एन सिंह के मुताबिक मृतक संक्रमित होने के अलावा ब्रेन ट्यूमर व हृदय रोगी थीं। कोरोना संक्रमण के बाद हालत बिगड़ गई और शुक्रवार को मौत हो गई। अब तक जिले में कुल 172 मरीजों की मृत्यु हो चुकी है। शुक्रवार को कोरोना संक्रमण के तीन नए मरीज और मिलने से मरीजों का आंकड़ा 10,478 पहुंच गया है। इनमें 10,258 मरीज ठीक हो चुके हैं। 4.87 लाख नमूनों की जांच हो चुकी है।
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मार्च में मिला था कोरोना का मरीज
गौरतलब है कि आगरा में तीन मार्च 2020 को पहली बार कोरोना वायरस के पांच मरीज मिले थे। इस महीने में 12 संक्रमित मरीज मिले। अप्रैल से संक्रमण की दर लगातार बढ़ती गई। सितंबर में संक्रमण चरम पर था। दिसंबर में संक्रमण की दर लगातार कम होती गई। जनवरी 2021 में और कमी आई है।
शुल्क लगने से घटे जांच कराने वाले
आगरा में कोरोना वायरस की जांच के लिए फीस लगने से एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में जांच कराने वालों की संख्या एकदम से घट गई है। नौ दिन में महज 51 लोगों ने ही जांच कराई है। जब सुविधा निशुल्क थी, तब रोजाना 30 से 40 लोग जांच करा रहे थे।
18 जनवरी से एसएन के ओपीडी में आने वाले मरीजों के लिए कोरोना वायरस की जांच कराने के लिए शुल्क तय कर दिया है। इसमें आरटीपीसीआर जांच के लिए 600 रुपये और ट्रूनैट मशीन से जांच के लिए 1500 रुपये है। कैंसर मरीज है तो उसे 300 रुपये जांच के लिए देने होंगे। शुल्क लगना शुरू होने के बाद जांच कराने वालों की संख्या रोजाना पांच से भी कम हो गई, जबकि सामान्य दिनों में रोजाना 30 से 40 रहते थे। नौ दिन में केवल 51 लोगों ने आरटीपीसीआर से जांच कराई।
600 रुपये वाली जांच में 24 घंटे बाद आती है रिपोर्ट
600 रुपये में आरटीपीसीआर जांच कराई जा रही है। इसमें मरीज के नमूने लेने के बाद 24 घंटे बाद रिपोर्ट मिलती है। जबकि ट्रूनैट मशीन से जांच कराने पर एक से दो घंटे में रिपोर्ट मिल जाती है, लेकिन इसके लिए करीब ढाई गुना रुपये खर्च करने होते हैं।
जांच निशुल्क ही कराई जाए
सामाजिक कार्यकर्ता शफी हैदर जाफरी ने कहा कि कोरोना वायरस की जांच सरकार निशुल्क करा रही है, एसएन में रुपये लगने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मुश्किल हो रही है। सरकार एसएन में भी ओपीडी के मरीजों की कोरोना की जांच निशुल्क कर दे तो बड़ी राहत मिलेगी।
शुल्क लगने के बाद संख्या घटी
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि ओपीडी मरीजों के लिए कोरोना वायरस की जांच दर तय होने के बाद करीब 51 लोगों ने अभी तक शुल्क देकर जांच कराई है। निशुल्क सुविधा मिलने के मुकाबले संख्या में काफी कमी आई है।