मथुरा में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को 276 नए पॉजिटिव केस मिले हैं। इनमें सर्वाधिक केस मथुरा शहर और आसपास के हैं। एक्टिव केस 2187 हैं।
सोमवार को आई रिपोर्ट में जल निगम के 26 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जबकि वृंदावन, छाता, नौहझील, चौमुहां, गोवर्धन, राया, मांट, बलदेव, कोसीकलां और फरह में भी कोरोना संक्रमण के केस मिले हैं। बढ़ते संक्रमण के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सैंपलिंग बढ़ाई है। वृंदावन और छाता में संक्रमण की संख्या अधिक होने के बाद दोनों शहरों में सैंपलिंग तेज की गई है। कोविड प्रभारी डॉ. भूदेव ने बताया कि हर दिन 4 हजार से अधिक लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। होम आइसोलेशन में भर्ती संक्रमितों पर निगरानी रखी जा रही है और उन्हें समय से दवा उपलब्ध कराने के साथ ही उनके स्वास्थ्य की जानकारी स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा ली जा रही है।
मंदिरों से लेकर बाजारों में नहीं हो रहा कोविड नियमों का पालन
जनपद में कोरोना का संक्रमण लगातार फैल रहा है। हर दिन दो सौ अधिक नए पॉजिटिव केस मिल रहे हैं, लेकिन बाजारों से लेकर मंदिरों तक लोग लापरवाह बने हैं। बाजारों में शारीरिक दूरी के नियम को ताक पर रख भीड़ उमड़ रही है। शहर के बाजार भीड़ से अटे पड़े हैं। शहर के होलीगेट अंदर छत्ता बाजार, कोतवाली रोड, आर्य समाज रोड, चौक बाजार, भरतपुर गेट, दरेसी, कृष्णा नगर, महोली रोड आदि बाजारों में सोमवार को भी लोगों की भीड़ देखी गई। इधर, वृंदावन के बांकेबिहारी मंदिर के साथ अन्य मंदिरों में भी शारीरिक दूरी के नियम की धज्जियां उड़ रही हैं।
संक्रमण बढ़ने पर निगरानी समितियों को किया गया सक्रिय
जनपद में कोरोना संक्रमण के बढ़ते केस और रविवार को संक्रमण से दो लोगों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग गंभीर हो गया है। जनपद की निगरानी समितियों को सक्रिय किया गया है, वहीं, अस्पतालों में बेड की व्यवस्था की गई है। बताया जा रहा है कि मथुरा वृंदावन शहरी क्षेत्र की 70 और जनपद की कुल 742 निगरानी समितियां इन दिनों कोरोना संक्रमण पर निगाह रखे हुए हैं। कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद सभी समितियों को सक्रिय कर दिया गया है। इधर, केएम मेडिकल कॉलेज, केडी मेडिकल कॉलेज के साथ वृंदावन के सौ शैय्या संयुक्त जिला अस्पताल में एक हजार बेड की व्यवस्था की गई है। जरूरत होने पर राम कृष्ण मिशन सेवाश्रम में भी संक्रमितों को भर्ती करने के लिए आरक्षित करने पर विचार किया जा रहा है।
जनपद के बड़े अस्पतालों के साथ सरकारी अस्पतालों को अपडेट किया गया है। वर्तमान में एक हजार बेड की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग के पास है।
- डॉ. एके वर्मा, सीएमओ मथुरा।