मैनपुरी। कोरोना से संक्रमित गंभीर मरीजों के इलाज के लिए सरकार ने चार वेंटिलेटर उपलब्ध कराए हैं। एक महीने से भी अधिक समय हो गया लेकिन अभी तक वेंटिलेटर का उपयोग नहीं किया गया। जिन मरीजों के लिए यह वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए हैं, उन्हें उपचार के स्थान पर रेफर किया जा रहा है।
शासन ने कोरोना महामारी में जिले के कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों के उपचार के लिए एक महीने पहले जिला अस्पताल में चार वेंटिलेटर की व्यवस्था की थी। अस्पताल प्रशासन एक महीने बाद भी कोरोना संक्रमितों गंभीर होने पर जिले में उपचार नहीं दे सका। गंभीर मरीजों को सैफई मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया है। यही कारण है कि एक महीने होने के बाद भी वेंटिलेटर पर किसी भी मरीज का उपचार नहीं हुआ है।
केस हिस्ट्री-एक
शहर के मोहल्ला राजा का बाग निवासी वृद्ध को जिला अस्पताल से सैफई के लिए रेफर किया गया। वृद्ध की 31 मई को सैफई मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई।
केसहिस्ट्री-दो
औंछा थाना क्षेत्र के गांव विक्रमपुर निवासी कोरोना संक्रमित को जिला अस्पताल से सैफई मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। सैफई में उपचार के दौरान आठ जून को वृद्ध की मौत हो गई।
केसहिस्ट्री-तीन
मोहल्ला क्रिश्चियन कंपाउंड निवासी वृद्ध को कोरोना संक्रमण के कारण सैफई रेफर किया गया। सैफई में उपचार के दौरान 12 जून को वृद्ध की मौत हो गई। वहीं वृद्ध के एक पुत्र को भी कोरोना संक्रमित होने के बाद जिला अस्पताल से सैफई के लिए भेजा गया है।
वेंटिलेटर की स्थापना के साथ ही सारी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। वर्तमान में जिले में ऐसा एक भी मरीज नहीं है जिसे वेंटिलेटर की जरूरत हो। जरूरत होने पर सुविधा का लाभ दिया जाएगा।
डॉ.आरके सागर, सीएमएस