आगरा के थाना शाहगंज इलाके में एक घर में धर्मांतरण कराने की शिकायत पर पुलिस ने 11 लोगों को पकड़ा है। पकड़े गए लोगों में पांच महिलाएं शामिल हैं। आरोप है कि एक घर में धर्मसभा का आयोजन कर हिंदुओं को बुलाया जाता था। वहां देवी-देवताओं की पूजा से दूर रहने के लिए कहा जाता। इसके बाद गरीबी और शारीरिक कष्ट दूर होने का दावा किया जाता था। पुलिस ने करीब एक महीने चली गोपनीय जांच के बाद यह कार्रवाई की है।
भाजपा नेता सुनील कर्मचंदानी और घनश्याम हेमलानी ने उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से इलाके में धर्मांतरण की गतिविधियों की शिकायत की थी। मामला पुलिस आयुक्त दीपक कुमार तक पहुंचा तो शाहगंज पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने एक महीने तक जांच की। इस दौरान महिला पुलिसकर्मियों को सादे कपड़ों में भेजा गया। पता चला कि शाहगंज के एक मोहल्ले में स्थित घर में प्रत्येक रविवार को धर्मसभा का आयोजन किया जाता था।
इसमें बाहर से कुछ लोग आया करते थे।आसपास के हिंदुओं को बुलाया जाता था। इसमें समस्याएं पूछने के बाद दूर करने का दावा किया जाता था। इसके बाद धर्म परिवर्तन के लिए कहा जाता था। जो लोग तैयार होते थे, उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन मिलता था। महिला पुलिसकर्मियों की भी बीमारी दूर करने की बात कही गई थी। दो दिन पहले पुलिस ने घर में दबिश देकर पांच महिलाओं सहित 11 लोगों को पकड़ लिया। इसमें एक मुख्य व्यक्ति भी शामिल है। एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी ने बताया कि धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में कुछ लोगों को पकड़ा गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।
देशभर में चर्चित रहा था धर्मांतरण का मामला
यह कोई पहला मामला नहीं है जब धर्म परिवर्तन की शिकायत की गई है। इससे पहले सदर की दो बहनों के धर्मांतरण का मामला सामने आया था। दोनों बहनों को कोलकाता ले जाया गया था। पुलिस ने दोनों को बरामद किया था। 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना था। डीजीपी ने प्रेसवार्ता कर खुलासा किया था। वहीं आगरा के एक मिशनरी अस्पताल से जुड़ी दो नन छत्तीसगढ़ में रेलवे स्टेशन पर पकड़ी गई थीं। वह युवतियों को आगरा लेकर आ रही थीं।