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UP: कौन है अयान जावेद, जिसे बी वारंट पर आगरा लेकर आई पुलिस; सगी बहनों के धर्मांतरण मामले से जुड़े हैं तार

Sat, 07 Mar 2026 08:28 AM IST
आगरा ब्यूरो अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के चर्चित धर्मांतरण मामले में आतंकी संगठनों से जुड़े संदिग्ध अयान जावेद को रांची सेंट्रल जेल से बी वारंट पर आगरा लाया गया। पुलिस के अनुसार वह प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ा था और धर्मांतरण गिरोह के कई आरोपियों के संपर्क में रहा है।
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अयान जावेद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के सदर की सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में अब आतंकी कनेक्शन सामने आया है। पुलिस रांची (झारखंड) सेंट्रल जेल में बंद अयान जावेद को बी वारंट पर आगरा लेकर आई है। वर्ष 2025 में झारखंड एटीएस ने अयान, उसकी पत्नी सहित चार आरोपियों को धनबाद से गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, यह प्रतिबंधित संगठन एचयूटी (हिज्ब उत तहरीर) व एक्यूआईएस (अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट) संगठन से जुड़ा हुआ था। पुलिस ने उसे शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया गया। शनिवार को पुलिस उसे रिमांड पर लेने के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र देगी।
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जुलाई 2025 में धर्मांतरण का मामला सामने आया था। सदर की दो सगी बहनें मार्च 2025 में लापता हो गई थीं। बाद में उनके धर्मांतरण गिरोह के चंगुल में फंसे होने की जानकारी पुलिस को मिली थी। गठित विशेष पुलिस टीम ने कोलकाता के तपसिया इलाके से दोनों बहनों को मुक्त कराया था। 10 आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर लाई थी। बाद में दिल्ली के अब्दुल रहमान सहित 4 और आरोपी पकड़े गए थे।

 
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पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि धर्मांतरण गिरोह के चंगुल में फंसी 6 युवतियों को मुक्त कराया गया था। आरोपियों से मिले मोबाइल और लैपटॉप की जांच में पता चला कि गिरोह के तार आतंकियों से भी जुड़े हैं। देहरादून की एक युवती अयान जावेद के संपर्क में थी। दोनों के बीच 200 कॉल हुए थे। अयान के बारे में जानकारी की गई। उसकी बातचीत पूर्व में पकड़े गए गिरोह के सदस्य आगरा के रहमान कुरैशी, गोवा की आयशा, अबू तालिब, देहरादून के अब्दुल रहमान से होने की बात सामने आई। वह संदिग्ध आतंकी है। अप्रैल 2025 में अयान जावेद, उसकी पत्नी शबनम, गुलफाम और शहजाद आलम को झारखंड एटीएस ने धनबाद से गिरफ्तार किया था। चारों जेल में बंद हैं।

 

एडीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि अयान को आगरा लाने के लिए बी वारंट जारी कराया गया। शुक्रवार को पुलिस उसे आगरा लेकर आई। उसे कोर्ट में पेश किया। उसे जेल भेज दिया गया। शनिवार को आरोपी को कोर्ट में तलब किया गया है। विवेचक उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने के लिए प्रार्थनापत्र देंगे। उससे पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क की जानकारी जुटाई जाएगी।

 

वीडियो देखकर गिरोह से जुड़ा था बीसीए छात्र अयान
पुलिस को पता चला कि धनबाद निवासी 22 वर्षीय अयान जावेद बीसीए का छात्र था। कोविड में पढ़ाई बंद हो गई थी। उसने दो पाकिस्तानी तारीफ जमील, इसरार अहमद सहित जाकिर नाइक की किताब पढ़ी। वह यूट्यूब पर वीडियो देखने लगा। प्रभावित होकर प्रतिबंधित संगठन से जुड़ गया। उसकी पहचान शाहगंज थाना क्षेत्र में रहने वाले रहमान कुरैशी से हुई। बाद में वह दिल्ली के अब्दुल रहमान और कोलकाता की आयशा के संपर्क में आ गया। धर्मांतरण को भी जिहाद मानने लगा। वह व्हाट्सएप ग्रुप पर युवाओं को जोड़ने लगा। युवतियों से भी संपर्क करता था।

 

सोशल मीडिया पर रिवर्ट नाम से बनाते थे आईडी
आगरा, अलीगढ़, बरेली के साथ दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड सहित कई राज्यों की युवतियों का धर्मांतरण कराया गया था। युवतियों को कॉलेज में सक्रिय कश्मीर की युवतियां फंसाती थी। वहीं फेसबुक और इंस्टाग्राम के माध्यम से भी संपर्क किया जाता था। उन्हें अपने धर्म की कमियां और इस्लाम धर्म के बारे में बताया जाता था। इससे वो आकर्षित होने लगती थी। एक बार युवती के घर छोड़ने के बाद दिल्ली से पश्चिम बंगाल पहुंचा दिया जाता था। वहां उनका धर्मांतरण कराया जाता था। इसके बाद उनका निकाह करा दिया जाता था। सोशल मीडिया पर रिवर्ट के नाम से इनकी आईडी बनाई जाती थी।

 
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अंग बेचने वाले गिरोह से भी जुड़े थे तार
पुलिस की जांच में खुलासा हुआ था कि धर्मांतरण गिरोह के तार आतंकियों के साथ ही अंग बेचने वालों से भी जुड़े हैं। एनआईए और आईबी की टीम भी आरोपियों से पूछताछ करने आई थी। विदेशी फंडिंग के सुराग मिले थे। आरोपी अभी जेल में हैं। आरोपी अंग बेचने वाले गिरोह के संपर्क में भी हैं। गरीब और असहाय लोगों को जाल में फंसाया जाता था। उनके अंग विदेश में बेच दिए जाते थे। हालांकि पुलिस इस मामले में किसी आरोपी को नहीं पकड़ सकी है।




 
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