एडीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि मूलरूप से फिरोजाबाद के नारखी थाना क्षेत्र का मनोज 15 साल से नगला मटटू में दिनेश उपाध्याय के मकान में किराए पर रह रहा था। वह केमिस्ट्री (रसायन विज्ञान) का शिक्षक है। बृहस्पतिवार को हैदराबाद पुलिस आगरा आई। उसने मनोज के बारे में जानकारी दी। बताया कि हैदराबाद की रेव पार्टियों में एमडीएमए ड्रग्स की सप्लाई में उसका नाम है। जोधपुर का वीरेंद्र इंटरमीडिएट का गणित शिक्षक है। वह ड्रग्स की ऑनलाइन बिक्री भी कर रहा था। एक सप्ताह पहले उसे पकड़ा गया। उसने बताया कि मनोज ड्रग्स के लिए केमिकल तैयार करता है।
केमिकल से बना सकता था करोड़ों की ड्रग्स
एडीसीपी ने बताया कि आरोपी के घर से बरामद माल की कीमत करोड़ों में है। मेथिलीन डाईऑक्सीमेथैम्फेटामाइन (एमडीएमए) एक अवैध दवा है। जो सेवन के बाद उत्साह का तीव्र अनुभव देता है। आरोपी की दुकान से 450 लीटर डिस्टिल वाटर, 120 लीटर मिथाइलामाइन, 27.50 लीटर हाइड्रोब्रोमिक एसिड, 100 लीटर इथाइल एसिटेट, 50 लीटर एसीटोन, 40 लीटर हाइड्रोक्लोरिक एसिड, 9 लीटर एथेनाल बरामद किया गया है।