आगरा के सैंया में धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार चार लोगों के मोबाइल में मिली एक्सेल शीट से सभाओं, एजेंटों और रकम के लेन-देन का रिकॉर्ड मिलने की बात सामने आई है। पुलिस विदेशी फंडिंग की आशंका की जांच कर रही है और मोबाइल डाटा को एफएसएल भेजने की तैयारी है।
आगरा के सैंया में पकड़ा गया धर्मांतरण का नेटवर्क विदेशी फंडिंग से चल रहा है। अलग-अलग लोगों के खातों में रकम भेजकर ट्रेनर और एजेंटों तक पहुंचाई जाती है। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल के डाटा से प्राथमिकी जांच में यह जानकारी सामने आई है। मोबाइलों को जांच के लिए एफएसएल भेजने की तैयारी है।
विज्ञापन
इसके अलावा आगरा सहित अन्य जिलों में सरगना, ट्रेनर और एजेंटों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। सैंया के गांव जोधपुरा में धर्मांतरण के आरोप में विनीत बेदी, प्रताप, डोंगर सिंह और मुखराज को पुलिस ने गिरफ्तार किया। उनके मोबाइल में कई एक्सेल शीट मिली थीं, जिनमें हर प्रार्थना सभा, एंजेंटों को मिलने वाली धनराशि, धर्मांतरण कराने वाले और तैयार होने वाले लोगों का डाटा था। किसको कितनी रकम दी गई? इसको भी शीट में दर्ज किया गया था। अब पुलिस इस पूरे डाटा के बारे में पड़ताल में लगी है।
डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने बताया कि नेटवर्क से जुड़े आरोपियो के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आशंका है कि धर्मांतरण के लिए फंडिंग विदेश से की जा रही हो। यह रकम भारत में किसी एक व्यक्ति को मिलती होगी। इसके बाद जोन स्तर पर बांटी जाती थी। इसके बाद अन्य लोगों को मिलती थी। पकड़े गए आरोपियों के बैंक खातों की जानकारी मिली है। इन पर पुलिस जांच में जुटी है। पुलिस ईस्ट और वेस्ट जोन के उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के एजेंटों की जानकारी जुटा रही है।
विज्ञापन
सहानुभूति दिखा जाल में फंसाते हैं एजेंट
पुलिस को पता चला है कि धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़े एजेंट लोगों को फंसाने के लिए अलग-अलग तरीका अपनाते हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों के आसपास सक्रिय रहते हैं। गंभीर बीमारियों से पीड़ित कमजोर आय वर्ग के लोगों को जाल में फंसाया जाता है। एजेंटों के रूप में कार्य करने वाली महिलाएं ऐसे लोगों के पास जाती हैं। उन्हें सहानुभूति पूर्वक मिलती हैं। समस्या के समाधान और आर्थिक मदद के बहाने धर्मांतरण के लिए तैयार करती हैं। दूसरा तरीका किसी मलिन बस्ती में जाकर प्रार्थना सभा करने का भी रहता है। इसमें आर्थिक मदद के बहाने लोगों को इकट्ठा करने के बाद ईसाई धर्म में परिवर्तित करा दिया जाता है।