धर्म परिवर्तन प्रकरण की आग जब देश-दुनिया के दूसरे कोनों तक फैली तो बस्ती के लोगों की मदद के लिए मुंबई से भी मुस्लिम संगठन दौड़े चले आए। अभी तक स्थानीय स्तर पर ही इनके लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी।
रविवार दोपहर मुंबई की रजा एकेडमी का एक दल राशन लेकर देवरी रोड स्थित वेद नगर के पीछे बस्ती में पहुंचा। हर झुग्गी-झोपड़ी में चावल, आटा और दाल की एक-एक बोरी दी गई। रजा एकेडमी के सचिव सईद नूरी ने बस्ती के लोगों से पूछताछ भी की। उन्होंने आठ दिसंबर को हुए घटनाक्रम के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी ली।
मुख्यमंत्री और गृहमंत्री से मिलेगा दल
रजा एकेडमी, मुंबई के सचिव सईद नूरी ने पत्रकारों को बताया कि जबरन धर्मांतरण के मामले को लेकर वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव व केंद्रीय गृहमंत्री से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ सख्त कानून बनना चाहिए। जो स्वेच्छा से जिस धर्म को मानना या उसमें आस्था व्यक्त करना चाहते हैं, उनको पूरी आजादी मिलनी चाहिए। सईद नूरी ने बताया कि गुरुवार को मुंबई में उलमाओं की बैठक हुई थी। तय किया गया था कि वेद नगर की बस्ती के लोगों की मदद को प्रतिनिधिमंडल आगरा जाएगा। उन्होंने कहा कि यह हिंदू और मुस्लिम के बीच का मसला नहीं है। यह तो सिर्फ एक संगठन का मुस्लिमों के साथ की गई धोखाधड़ी और उन्हें गुमराह कर धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने का मामला है। इस मामले में मजहबी तनाव जैसी कोई बात नहीं है।