राजपुर चुंगी स्थित एक घर में प्रार्थना सभा को लेकर धर्मांतरण का हल्ला मच गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया। हंगामा किया। लोगों ने शहीद नगर चौकी का घेराव किया। बाद में सीओ फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस ने तीन महिलाओं समेत दस प्रचारक हिरासत में लिए। देर रात तक बजरंग दल के लोग मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे थे।
राजपुर चुंगी में सुपर मार्केट के नजदीक रहने वाले अनिल कुमार दलित हैं। लोगों ने बताया कि उनके घर में प्रत्येक सोमवार को ईसाई धर्म प्रचारक प्रार्थना कराने आते हैं। बुधवार को बड़ी प्रार्थना सभा थी। लाउडस्पीकर लगवाए गए थे। दलित बस्ती की 35-40 युवती, महिलाओं, पुरुषों को बुलाया था। दर्जनभर ईसाई धर्म प्रचारक आए थे। इनमें तीन महिलाएं थीं। रात तकरीबन दस बजे लोगों ने बजरंग दल के सुनील पाराशर को धर्मांतरण कराने की जानकारी दी। इस पर वह दिग्विजय नाथ तिवारी, संजय मल्होत्रा और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ आ गए। उन्होंने धर्मांतरण कराने का आरोप लगाकर हंगामा किया। इससे सभा में अफरातफरी मच गई। उनका आरोप था कि प्रचारक धार्मिक ग्रंथ बांट रहे थे। दलित समाज के लोगों को प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने की साजिश थी। वहीं, गुस्साए लोगों ने शहीद नगर पुलिस चौकी का घिराव किया। सीओ सदर असीम चौधरी फोर्स के साथ आ गए। पुलिस ने कहरई मोड़ से आए दस प्रचारकों को हिरासत में लेकर सदर थाने भेज दिया। कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। धर्म प्रचारकों का कहना था कि वे हर सप्ताह प्रार्थना सभा कराने आते हैं।
चंगाई के लिए बुलाई थी प्रार्थना सभा
दरअसल, बस्ती में एक वृद्धा की पुत्रवधू बीमार रहती है। प्रार्थना सभा का आयोजन उसकी चंगाई के लिए था। प्रचारकों का कहना था कि दुआ के बाद वह ठीक हो जाएगी। सभा में हंगामा होने के बाद बीमार बहू और वृद्धा लापता हो गईं।
एडमिशन, नौकरी का प्रलोभन का आरोप
आगरा। बागराजपुर के जयवीर ने तहरीर में आरोप लगाया है कि वह शाम को घर के बाहर खड़ा था। तभी तीन गाड़ियों में कुछ लोग आए। उन्होंने यीशु दर्शन कार्यक्रम में शामिल होने को कहा। उसे और उसकी पत्नी को जबरन साथ में ले गए। आरती करने के बाद कहा कि आपको प्रभु ने चुना है। जो नहीं आएंगे, वह अंजाम के लिए तैयार रहें। कुछ महिलाओं की तरफ इशारा करते हुए बोले कि इसकी आंखों की रोशनी वापस आ गई। बीमार पति स्वस्थ हो गया। प्रलोभन दिया कि बच्चों की मिशनरी स्कूलों में फ्री शिक्षा, ड्रेस, किताब, कापी की व्यवस्था करेंगे। स्कूलों में नौकरी दिलाएंगे। अन्य धर्म के लोगों को लाने पर एक लाख रुपये दिया जाएगा। उधर, ईसाई समाज के लोगों ने दी तहरीर में प्रार्थना सभा में मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया। सीओ सदर का कहना है कि जांच की जा रही है।
धर्म परिवर्तन की बात गलत
मोहल्ले के अनिल कुमार का कहना है कि 27 अप्रैल को परिवार में शादी है। इसलिए प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया था। धर्म परिवर्तन की कोशिश की बात गलत है।
मिशनरीज के पदाधिकारी भी आ गए
मिशनरीज से जुड़े पदाधिकारी और समाज के लोग थाने आ गए। देर रात धर्म प्रचारकों को पदाधिकारियों की सुपुर्दगी में देने की तैयारी की जा रही थी। पुलिस का कहना था कि धर्म प्रचारकों की सुरक्षा के लिहाज से ऐसा किया जा रहा है।