आगरा में दो सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में बुधवार को अदालत में आरोपियों के अधिवक्ताओं ने वादी से जिरह की, जिसके बाद अगली सुनवाई 24 अगस्त तय हुई। दोनों बहनें मार्च 2025 में लापता हुई थीं। पुलिस ने जुलाई में उन्हें कोलकाता के तपसिया इलाके से बरामद किया था।
आगरा के सदर की दो सगी बहनों के धर्म परिवर्तन के मामले में एडीजे-14 ज्योत्सना सिंह की अदालत में बुधवार को सुनवाई हुई। आरोपियों के अधिवक्ता ने वादी से फिर जिरह की। अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।
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सदर क्षेत्र की दो सगी बहनें 24 मार्च, 2025 को घर से लापता हो गई थीं। 18 जुलाई को पुलिस ने दोनों को कोलकाता के तपसिया इलाके में ढूंढ निकाला था। मामले में पुलिस ने 10 आरोपी पकड़े थे, जिनसे पूछताछ के बाद 4 और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
इसमें दिल्ली निवासी मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल सिंह भी शामिल था।
वह अवैध धर्मांतरण के मामले में जेल में बंद मौलाना कलीम सिद्दीकी के लिए काम कर रहा था। अदालत में 22 जून, 2026 को दिल्ली निवासी अब्दुल रहमान, उसके बेटे अब्दुल रहीम और अब्दुल्ला, गोवा की आयशा उर्फ एसबी कृष्णा, शाहगंज सराय ख्वाजा के रहमान कुरैशी, मुजफ्फरनगर के अबू तालिब, जयपुर के मोहम्मद अली उर्फ पीयूष पवार, हसन अली उर्फ शेखर राय, ओसामा खान, मनोज कनौजिया, जुनैद कुरैशी, रित बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम सहित 14 आरोपियों के खिलाफ बीएनएस और उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन अधिनियम की अलग-अलग धाराओं में आरोप तय कर दिए गए हैं। सुनवाई जारी है।