आगरा। सदर में सगी बहनों के धर्मांतरण मामले में 14 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के निशाने पर और भी लोग हैं। गिरोह के संपर्क में रिवर्ट ग्रुप के 100 से अधिक आईडी और मोबाइल नंबर धारक थे। कमिश्नरेट पुलिस ने इनके बारे में जानकारी गृह मंत्रालय को भेजी है। खुफिया एजेंसियां आईडी और मोबाइल नंबर धारक की पड़ताल में लगी हैं। पुलिस ने जुलाई में धर्मांतरण गिरोह का खुलासा किया था। 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने सभी को जेल भेजा था। आरोपियों से 10 दिन तक पूछताछ की गई थी। आगरा के अलावा अलीगढ़, मेरठ सहित अन्य जिलों की लड़कियों के धर्मांतरण कराने की बात सामने आई थीं। पुलिस की जांच में सामने आया था कि धर्म परिवर्तन करने वाले युवक और युवती सोशल मीडिया पर आईडी बनाते थे। इसमें अपने नाम के आगे रिवर्ट लगाते थे। इसकी मदद से वह एक ग्रुप की तरह काम करते थे। एक बार कोई फंस जाता था तो उसे वीडियो भेजा करते थे। इसमें अपने धर्म के बारे में अच्छी बातें बताया करते थे। पुलिस ने ऐसे 100 नंबरों और आईडी के बारे में जानकारी की थी। इसकी गृह मंत्रालय को रिपोर्ट भेजी गई है। यह सभी पुलिस के रडार पर हैं। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि मामले में जांच जारी है। जिन नंबरों के बारे में पता चला है, उनके बारे में भी जानकारी निकाली जा रही है।
मानव अंग तस्करों को नहीं पकड़ सकी पुलिस
पुलिस धर्मांतरण प्रकरण में जांच में लगी है। पूर्व में सामने आया था कि गिरोह के तार पाकिस्तान में बैठे सरगना से हैं। इसके अलावा यही गिरोह मानव तस्करी में भी शामिल हैं। लड़कियों को दूसरे देशों में बेचा जाता है। इसके अलावा मानव अंगों की भी खरीद फरोख्त की जाती है। इस काम में लिप्त लोग आज तक पकड़े नहीं जा सके हैं।