आगरा। अवैध धर्मांतरण का पूरा गिरोह हाईटेक तरीके से युवतियों को अपने जाल में फंसा रहा था। आरोपी फर्जी नाम से बनी इंस्टाग्राम आईडी और गेमिंग एप का प्रयोग करते थे। एक बार बातचीत शुरू होने के बाद अपने धर्म का साहित्य साझा करते थे। चैटिंग और वीडियो के माध्यम से ब्रेनवाॅश कर दिया जाता था। अगर, युवती घर से निकल आती थी, तो उनके बारे में आईडी से भी पता नहीं चल पाता था। ऐसे में परिजन भटकते ही रहते थे।
सदर की दो सगी बहनें मार्च में लापता हुई थीं। उनके बारे में सुराग मिलना आसान नहीं था। पुलिस को उनके धर्मांतरण गिरोह के चंगुल में फंसने के सुराग मिले थे। इस पर पुलिस टीम ने पड़ताल की। उन्हें कोलकाता से बरामद किया गया। छोटी बहन से बातचीत में पता चला कि वह गेमिंग एप से गिरोह के संपर्क में थी।
एप के माध्यम से उससे बातचीत की जाती थी। इसके बाद साहित्य भी भेजा जाता था। वह अब वापस लाैटने के लिए भी तैयार नहीं है। इसके अलावा अब्दुल रहमान के घर से मुक्त कराई गई रोहतक की युवती भी फेसबुक के माध्यम से जुनैद के संपर्क में आई थी।
पुलिस की पूछताछ में पता चला कि धर्मांतरण कराने के बाद हर किसी को अपनी इंस्टाग्राम पर आईडी बनानी होती थी। नाम के बाद रिवर्ट लिखना जरूरी होता था। इससे उनकी एक अलग पहचान बन जाती है। वहीं गेमिंग एप के माध्यम से अलग-अलग जगह पर बैठे आरोपी एक दूसरे से संपर्क में रहते हैं। किसी को पुलिस पकड़ भी ले तो बात करने वालों की लोकेशन पता करना आसान नहीं होता है।
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गेम में मिले टास्क को पूरा करने के लिए दी थी धमकी
एक साल पहले मुंबई एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी दी गई थी। इसके तार आगरा से जुड़े थे। सदर के सोहल्ला इलाके का युवक अरविंद पकड़ा गया था। उसे महाराष्ट्र पुलिस पकड़कर ले गई थी। आरोपी इंटरमीडिएट पास था। पुलिस की पूछताछ में सामने आया था कि वह पूरा समय मोबाइल पर रील देखने और ऑनलाइन गेम खेलने में बिताता था। गेमिंग के दाैरान ही उसे टास्क मिला था। इसे पूरा करने के लिए उसने धमकी भरा संदेश भेजा था। उसे यह नहीं पता था कि क्या कर रहा है। मगर, पुलिस ने उसे मोबाइल नंबर के आधार पर पकड़ लिया था।
विदेश में सर्वर, नहीं निकल पाती आईडी
साइबर एक्सपर्ट दानिश शर्मा ने बताया कि आजकल नए एप बन रहे हैं। इनमें गेमिंग एप भी शामिल हैं। इनमें चैटिंग और बात भी कर सकते हैं। इन एप के सर्वर विदेश में होते हैं। इस वजह से उनकी आईडी निकालना आसान नहीं हो पाता है। अगर, आईडी निकल भी आए तो वायस रिकाॅर्ड नहीं हो सकती है। चैटिंग भी सुरक्षित नहीं होती है। एक बार गेम खत्म होने पर पूरी जानकारी नहीं मिल सकती है।