बृज ब्राह्मण महासंघ ने की कार्रवाई की मांग
बृज ब्राह्मण महासंघ के संस्थापक चंद्र नारायण शर्मा चीनू ने कहा कि स्वास्तिक भारतीय संस्कृति, धर्म और सभ्यता में पूजनीय स्थान रखता है। उसका इस तरह किसी एक व्यक्ति के चरणों पर बनाए जाना भारतीय संस्कृति और धर्म का अपमान है। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
मेघश्याम गौतम ने कहा कि हर दिन विद्वान भागवताचार्य वृंदावन की धार्मिक छवि को खराब करने में लगे हैं। न इन्हें अपनी भाषा पर नियंत्रण है और न ही अपने चाल चलन पर । पैरों में स्वास्तिक बनाने का क्या मकसद हो सकता है। यह तो उन्हें ही पता होगा लेकिन यह धर्म और भारतीय संस्कृति के साथ खिलवाड़ है।
श्री कृष्ण सेना के संस्थापक संजीव सिंह बाबा ने कहा कि भागवताचार्य ने अपने पैरों में स्वास्तिक बनाकर लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है, इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
इंद्रदेवेश्वरानंद ने किया हिंदू संस्कृति का अपमान
उत्तर प्रदेश युवा ब्राह्मण महासभा के संस्थापक राजेश पाठक ने बताया कि हर शुभ मांगलिक कार्य के शुभारंभ पर हिंदू संस्कृति में स्वास्तिक चिह्न बनाए जाने की प्राचीन परंपरा रही है। भागवताचार्य के चरण पर यह चिह्न बनाना भारतीय संस्कृति और भक्ति परंपरा का अपमान है, जिसे सहन नहीं किया जाएगा।