लंबी कवायद के बाद शहर में मेट्रो ट्रेन के सर्वे के लिए आखिरकार आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) और रेल इंडिया टेक्निकल एंड इंजीनियरिंग सर्विसेज (राइट्स) के बीच गुरुवार को करार हो गया। करार के अनुसार, राइट्स को छह महीने में सर्वे कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) देनी होगी।
बता दें कि शासन ने प्रदेश के चार शहरों में मेट्रो ट्रेन के प्रस्ताव को हरी झंडी दी थी। आगरा में इसको लेकर राइट्स और लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन (एलएमआरसी) ने शुरुआती सर्वे कर मेट्रो की जरूरत को हरी झंडी दे दी थी। 13 मार्च को जनप्रतिनिधियों और आम लोगों के साथ हुई बैठक में कुछ सुझावों के साथ मुहर लगा दी थी। मेट्रो ट्रेन के सर्वे के लिए एडीए और राइट्स के बीच करार को लेकर कवायद तेज कर दी गई थी। गुरुवार को राइटस के अधिकारियों के साथ एडीए उपाध्यक्ष मनीषा त्रिघाटिया ने करार के कागजों को साइन किया। इसके तहत पहले चरण में 25 किलोमीटर दूरी तक दो कॉरीडोर के लिए राइट्स सर्वे करेगी। इस दौरान न सिर्फ ट्रैफिक के दबाव की गणना की जाएगी, बल्कि विभिन्न रूटों को तलाशा जाएगा। यदि मेट्रो ट्रेन की दूरी बढ़ाने की जरूर होगी तो एडीए को 10 लाख रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से अतिरिक्त पेमेंट करना होगा। डीपीआर तैयार होने के बाद इसका अध्ययन कराया जाएगा। तब कहीं जाकर इसे शासन को भेजा जाएगा। यदि शासन उपरोक्त डीपीआर को पास कर देता है, तभी मेट्रो ट्रेन के लिए काम शुरू हो सकेगा।