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भ्रष्टाचार के ‘पौधरोपण’ का ताज पर स्याह साया

Fri, 27 Mar 2015 01:47 AM IST
राजीव शर्मा
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शहर की आबोहवा ठीक नहीं है। सांस के साथ प्रदूषण के अनगिनत कण शरीर के अंदर जा रहे हैं। इतना ही नहीं, यह हानिकारक कण ताजमहल के संगमरमरी हुस्न को भी छलनी कर रहे हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि पौधरोपण के नाम पर अब तक भ्रष्टाचार की ही जड़ें जमाई गईं। पर्यावरण बचाने के नाम पर अधिकारी छल करते रहे। मुख्यमंत्री के सामने इसकी पोल खुल चुकी है, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की ताजा रिपोर्ट में भी इसका खुलासा हुआ है।
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सीपीसीबी ने शहर में प्रदूषण को लेकर वर्ष 2014 की पिछले सालों से तुलना करते हुए रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट में वर्ष 2002 की अपेक्षा 2014 में ताज के आसपास आरएसपीएम (रेस्पिरेटरी सस्पेंडिड पर्टिकुलेट मेटर) काफी बढ़ा पाया। यह मानक से लगभग तीन गुना अधिक है। नुनिहाई क्षेत्र में जरूर वर्ष 2002 की अपेक्षा आरएसपीएम थोड़ा कम रहा है, लेकिन यह भी मानक से काफी अधिक है।

बता दें कि ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में रोपे गए पौधों की संख्या सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से गलत बताने पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मुख्य वन संरक्षक पीके शर्मा और वन संरक्षक विभाष रंजन को निलंबित करने के निर्देश दे चुके हैं। इस प्रकरण में प्रभागीय वनाधिकारी ललित वर्मा पहले ही सस्पेंड किए जा चुके हैं।
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ताजमहल पर प्रदूषण की स्थिति
वर्ष        आरएसपीएम
2002        147
2005        147
2008        167
2012        178
2014        152

एत्माद्दौला पर प्रदूषण की स्थिति
वर्ष        आरएसपीएम
2002        174
2005        186
2008        213
2012        183
2014        190

रामबाग पर प्रदूषण की स्थिति
वर्ष        आरएसपीएम
2002        175
2005        185
2008        173
2012        180
2014        175

नुनिहाई पर प्रदूषण की स्थिति
वर्ष        आरएसपीएम
2002        234
2005        268
2008        216
2012        238
2014        212


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