लगातार तीन दिन हुई बारिश से सब्जी किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में जलभराव से मिर्च, टमाटर, बैंगन समेत कई फसलों में रोग और गलन का खतरा मंडरा रहा है। उत्पादन प्रभावित होने की आशंका के बीच उद्यान विशेषज्ञ ने खेतों से पानी निकालने और फसलों की नियमित निगरानी की सलाह दी है।
जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में बुधवार, बृहस्पतिवार और शुक्रवार को हुई बारिश से सब्जी उत्पादक किसानों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बारिश से खेतों में जलभराव होने के कारण सब्जियों की फसलों में रोग, जड़ व तना गलन के साथ सड़न का खतरा बढ़ गया है। इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
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कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के उद्यान विशेषज्ञ अनुपम दुबे ने बताया कि इस समय खेतों में मिर्च, टमाटर, बैंगन, कद्दू, लौकी और तोरई समेत कई सब्जियों की फसलें खड़ी हैं। बारिश के बाद खेतों में पानी जमा रहने से जड़ और तना गलन की समस्या बढ़ सकती है। किसानों को खेतों से पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
उन्होंने बताया कि बेल वाली फसलों को किसान मचान पर चढ़ा दें, जिससे पौधों में हवा का आवागमन बना रहे और फसल को नुकसान कम हो। बारिश के बाद खेतों में खरपतवार भी तेजी से बढ़ते हैं। इससे कीटों का प्रकोप बढ़ने की संभावना रहती है। किसानों को समय रहते खरपतवार नियंत्रण करने और फसलों की नियमित निगरानी की सलाह दी गई है।